राजकीय कॉलेज के प्रोफेसर दुग्गल को निलंबित किया
जींद | राजकीयपीजी कॉलेज के प्रोफेसरों के बीच चल रहे आरोपों के मामले में कॉलेज के सहायक प्रोफेसर सुभाष दुग्गल पर निलंबित की गाज गिरी है। प्रो. दुग्गल पर विजिलेंस भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर जांच कर रही थी। विजिलेंस ने जांच उपरांत रिपोर्ट तैयार कर हायर एजुकेशन को भेज दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर हायर एजुकेशन के संयुक्त सचिव ने सहायक प्रो. सुभाष दुग्गल को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। निलंबित करने के निर्देशों की प्रति राजकीय कॉलेज के प्रिंसिपल सुपरींटेंडेंट और सुभाष दुग्गल को भेज दी गई है।
यहथा मामला : राजकीयकॉलेज के अंग्रेजी विभाग में सहायक प्रो. अनूप मोर ने साल 2015 में जनवरी में सहायक प्रोफेसर सुभाष दुग्गल पर छात्रों से परीक्षा में मदद करने के खातिर रिश्वत लिए जाने के आरोप लगाए थे। इन आरोपों को पुख्ता करने के लिए मोर ने वीडियो और ऑडियो फुटेज जींद के डीसी, एसपी, शिक्षा विभाग, विजिलेंस विभाग यहां तक मुख्यमंत्री के दरबार में भेजकर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने की शिकायत की थी। दोनों के आरोप-प्रत्यारोपों को लेकर जांच भी चल रही थी। प्रो. मोर के आरोपों के जवाब में प्रो. दुग्गल ने कहा था कि उन्हें जातिगत तौर पर निशाना बनाया जा रहा है।
रिश्वत के थे आरोप
मोरने वीडियो-ऑडियो क्लीपिंग के मार्फत कहा था कि पीजी कॉलेज के प्रोफेसर दुग्गल ने दस पेपरों में मदद के लिए छात्रों से 15 हजार की रिश्वत मांगी थी। प्रोफेसर दुग्गल उस समय परीक्षा सेंटर में ऑबजर्वर के तौर पर तैनात थे। परीक्षा में मदद के लिए दी जाने वाली राशि पांच-पांच हजार किस्तों में दी जानी थी।