प्रशासन के प्रतिबंध के बाद भी हो रहा है पॉलीथिन का प्रयोग
प्रशासनके पॉलीथिन पर लगाए गए बैन के बावजूद भी दुकानदार पॉलीथिन बैगों का प्रयोग कर रहे हैं। दुकान पर आने वाले उपभोक्ताओं को बिना किसी डर के पॉलीथिन में सामान डालकर दिया जा रहा है। लोग घरों में बची हुई सामग्री को पाॅलीथिन में कूड़ा डालकर बाहर फेंक रहे हैं। इससे बेसहारा पशु गोवंश खाद्य सामग्री के साथ-साथ पॉलीथिन को भी निगलकर काल का ग्रास बन रहे हैं। पॉलीथिन का प्रयोग जहां पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ावा दे रहा है। वहीं, लावारिश पशुओं की मौत का कारण बन रहा है।
शहरवासी पवन देशवाल, दिनेश गांधी, प्रमोद जायसवाल, राजन वर्मा, सुरेश कुमार, राम वर्मा गोशाला के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन को पॉलीथिन पर सख्ती से बैन लगाने की मांग की है। बाजारों में बिना किसी रोक-टोक के पॉलीथिन का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्लास्टिक बैग पॉलीथिन पर पहले भी बैन लगाया गया था।
इससे पॉलीथिन का प्रयोग काफी हद तक कम हो गया था, परंतु अब फिर दोबारा से पॉलीथिन का प्रयोग खुलेआम किया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ कानून बनाएं, उसे सख्ती से लागू भी करे। सबसे पहले तो सरकार को प्लास्टिक बैग पॉलीथिन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर रोक लगानी चाहिए। इसके अलावा प्रशासन को समय-समय पर बाजारों में अभियान चलाकर दुकानों पर छापेमारी करनी चाहिए।
^पॉलीथिन का इस्तेमाल करने पर कानूनी रूप से पाबंदी है। अगर फिर भी कोई दुकानदार सरकार के आदेशों की अवहेलना करता है तो उसका चालान काटा जाएगा। नगर परिषद समेत कई अधिकारी पॉलीथिन का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों के चालान काटने के लिए अधिकृत हैं। आगामी दिनों में अभियान चलाकर पॉलीथिन का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों का चालान काटा जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।\\\' -पीकेशर्मा, रीजनल ऑफिसर, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, जींद।
लोगों को होना होगा जागरूक
विशेषज्ञडाॅ. राजेश गांधी कृषि विशेषज्ञ राजेंद्र शर्मा के अनुसार पॉलीथिन का जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे कैंसर होता है। इसलिए लोगों को जागरूक होकर इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। पॉलीथिन से कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति भी कम होती है। नदी-नालों सीवरेज रूकने का कारण भी पॉलीथिन ही है। प्लास्टिक के बैग पॉलीथिन मानव पशु के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इसलिए इसका उपयोग बंद होना चाहिए।
^पहले कपड़े के थैलों का बहुत प्रचलन था। लोग बाजार से सामान लाने के लिए घर से ही कपड़े का बैग लेकर आते थे। अब दुकानदार अपने आप उपभोक्ता को पॉलीथिन में सामान डालकर दे देते हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। लोगों को पहले की तरह थैला लेकर ही बाजार आदि जगह जाना चाहिए।\\\' -ओमप्रकाश,निवासी मोरखी।
अगर पॉलीथिन पर बैन नहीं लगा तो होगी परेशानी
^पॉलीथिनपर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ बेसहारा पशुओं के लिए भी घातक है। इससे काफी नुकसान होते हैं यदि इस पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में यह समस्या बेकाबू हो जाएगी। पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगने से गोवंश को बचाया जा सकता है। इसलिए पॉलीथिन पर बैन जरूर लगना चाहिए।, -श्रीभगवान शर्मा, मैनेजर श्री कृष्ण गोशाला नरवाना।
जींद. मेनबाजार में पॉलीथिन में सामान डालकर ले जाती महिलाएं।