भास्कर न्यूज | जींद
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जिलेभरमें बसंत पंचमी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्कूलों में बच्चे पीली ड्रेस पहनकर आए। बच्चों ने पतंग उड़ाकर खुशी का इजहार किया। शहर में कई जगह भंडारे भी लगाए गए। मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को बसंत पंचमी पर्व पर खेल महोत्सव का आयोजन किया गया। खेल महोत्सव में बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। जूनियर वर्ग सीनियर वर्ग के बीच अलग-अलग खेल प्रतियोगिताएं हुई। मुख्य अतिथि के तौर पर जेसीआई अध्यक्ष विवेक सिंगला ने हिस्सा लिया। मेढ़क दौड़ में मधुर प्रथम, द्वितीय प्रिंस गौरव तृतीय रहा। लेमन रेस में रितेश प्रथम, अविका द्वितीय ऋषभ तृतीय रहा। सीनियर वर्ग के 100 मीटर दौड़ में विशाखा प्रथम, तनवी द्वितीय प्रियंका तीसरे स्थान पर रही।
शिक्षाके लिए प्रेरित किया : वुडस्टॉकस्कूल में बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में पतंगबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत प्रधानाचार्य ममता भोला ने मां सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित कर की। निदेशक प्रदीप सहरावत ने ज्ञान का दीपक हमेशा जलाए रखने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का हमारे जीवन में अत्याधिक महत्व है। िशक्षा के माध्यम से ही प्रत्येक मंजिल को पाया जा सकता है। कक्षा पहली से यश, शुभम, इशांत, हर्शिल पहले स्थान पर रहे। दूसरी कक्षा से आदित्य, धीरज, प्रतीक, दीपांशु प्रथम रहे और तीसरी कक्षा से तान्या, पंकुश, जतिन आशीष प्रथम रहे। इस मौके पर पारूल, नीलम फोगाट, ज्योति, सोनल, प्रवीन, भावना, सोनिया मौजूद रही।
यशने मारी बाजी : डीपीएसमें बसंत पंचमी महोत्सव पर कक्षा प्री नर्सरी से नर्सरी तक के बच्चे पीले रंग के परिधान पहनकर स्कूल पहुंचे। कक्षा पांचवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के मध्य पतंग उड़ाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान यश कंसल, द्वितीय स्थान अंकुश तृतीय स्थान कुनाल ने प्राप्त किया। चेयरमैन एसपी बंसल, प्राचार्य प्रवीन ढिल्लों ने विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया।
‘बसंतपंचमी पर सरस्वती की पूजा की जाती है’ : आधारशिलापब्लिक स्कूल में बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सभी बच्चों ने पीले वस्त्र धारण कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। बच्चों ने पतंग बनाओ, पतंग उड़ाओ प्रतियोगिता में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। निदेशिका अंजू सिहाग ने कहा कि यह त्योहार देवी सरस्वती की पूजा आराधना के लिए माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।