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जीवित को मृत बता काट दिया बीपीएल सूची से नाम

7 वर्ष पहले
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विभाग से बीपीएल सर्वे रिपोर्ट सूची मांगी तो चला पता

शहरके वार्ड-1 के जोगेंद्र नगर के रहने वाले हरबंस सिंह की गरीबी के साथ बीपीएल सर्वे करने वालों खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने घिनौना मजाक किया है। तीन साल पहले किए बीपीएल सर्वे में हरबंस सिंह को मृत दिखाकर उसका बीपीएल सूची से नाम ही काट दिया। जब हरबंस सिंह ने इसकी शिकायत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को की तो उसके बाद उसकी सुनवाई नहीं हुई।

पिछले तीन साल से हरबंस अधिकारियों के द्वार पर चक्कर काट रहा है, लेकिन उसका नाम बीपीएल सूची में शामिल करना तो दूर की बात। सर्वे में जीवित व्यक्ति को मृत दिखाने वालों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

हरबंस सिंह पुत्र जीत सिंह का कहना है कि तीन साल से उसे बीपीएल होने का कोई लाभ नहीं मिल रहा। वह इसके लिए अधिकारियों के पास चक्कर काट रहा है। दो माह पहले उसने विभाग से वर्ष 2011 में हुए बीपीएल सर्वे की रिपोर्ट मांगी तो उसमें उसके नाम के आगे मृत लिखा हुआ पाया। इसकी शिकायत उसने अधिकारियों को भी की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के समक्ष भी उन्होंने इसकी शिकायत की तो उन्होंने भी साफ कह दिया कि बीपीएल सूची से नाम कट गया है और इसमें उसे मृत दिखाया गया है। हरबंस का कहना है कि वह गरीब है और उसका मकान भी कच्चा है और उसकी तीन बेटियां एक बेटा है। कुछ दिन पहले ही उसका ऑपरेशन हुआ और इस कारण वह मजदूरी करने में भी पूरी तरह से सक्षम नहीं है।

बीपीएलसर्वे पर लग रहे प्रश्न चिह्न

बीपीएलसर्वे में जीवित हरबंस सिंह को मृत दिखाने से साफ जाहिर है कि बीपीएल सर्वे कितना सही है। हरबंस का कहना है कि जब उसका बीपीएल सूची में शामिल था। तब अनाज मिल पाने पर उसने डिपो होल्डर को इसकी शिकायत अधिकारियों को करने की बात कही थी। इसके कुछ दिन बाद ही यह सर्वे हो गया और सर्वे वाले ने बगैर उसके घर पर आए हुए डिपो होल्डर के कहने पर उसका नाम मृत दिखाकर बीपीएल सूची से काट दिया।

सर्वे करने वाले कर्मचारी से हुई है गलती

हरबंसकी शिकायत उनके पास आई हुई है और इसके समाधान की कोशिश की जा रही है। बीपीएल सर्वे में जीवित हरबंस को मृत दिखाने की गलती सर्वे करने वाले से हुई है। फिर भी हरबंस की समस्या की गंभीरता से लेकर समाधान किया जाएगा।

-प्रवीन कुमार, एपीओ,डीआरडीए।