4 महीने में बनेगा जींद बाईपास
जींदबाईपास का निर्माण कार्य मंगलवार को शुरू हो गया। पिछले तीन सालों से वाहन चालक किसान निर्माण कार्य का इंतजार कर रहे थे। यहां जलापूर्ति एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिछाई गई सीवर पाइप लाइन के कारण बाईपास कच्चे रास्ते में तब्दील हो गया था। मार्केटिंग बोर्ड द्वारा 42 लाख रुपए की राशि खर्च करके इसका निर्माण करवाया जा रहा है। चार महीने की अवधि में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। नेशनल हाईवे से जींद बाईपास का निर्माण 1.9 किलोमीटर किया जाएगा। यहां कंक्रीट की सड़क 12 फीट बनेंगी। दोनों तरफ दो-दो फीट ईंटें लगाई जाएगी।
जामसे मिलेगी मुक्ति
जींदबाइपास का निर्माण होने के बाद बड़ौदा, खटकड़, घोघड़िया, रोज खेड़ा सहित विभिन्न गांवों से किसान जो फसल लेकर मंडी आते हैं उन्हें मंडी में आने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। अब किसान पुराने बस स्टैंड से मंडी में आते हैं। इससे वो हर समय जाम में फंसे रहते हैं। बाईपास के निर्माण के बाद नेशनल हाईवे से सीधे कपास मंडी, पुरानी मंडी, विस्तार मंडी में किसान पहुंच सकेंगे। हाईवे से मंडी आने के लिए वाहन चालकों को भी पुराने बस स्टैंड वाले रोड पर नहीं जाना पड़ेगा। इस रास्ते से ही मंडी में आ-जा सकते हैं।
तेजी से होगा काम : बलबीर सिंह
^निर्माणकार्य शुरू कर दिया है। बिछाई गई सीवर पाइप लाइन के रास्ता उबड़-खाबड़ हो गया है। इसका लेबल ठीक किया जाएगा। निर्माण पर 42 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
-बलबीरसिंह, एसडीओ,मार्केटिंग बोर्ड, नरवाना।
खेत होने की वजह से जाना पड़ता है कच्चे से
जींदबाईपास पर उचाना कलां के किसानों के खेत होने के कारण उन्हें कच्चे रास्ते से होकर खेतों में आना-जाना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में तो उन्हें पुराने बस स्टैंड के अलावा अन्य दूसरे रास्तों से होकर खेतों में पहुंचना पड़ता है। खेतों में मकान बनाए हुए किसानों को भी आने-जाने में परेशानी होती है। निर्माण कार्य शुरू होने से अब किसानों को वर्षों पुरानी समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
काटना पड़ता है लंबा चक्कर
मंडीमें फसल लेकर आने में पुराने बस स्टैंड से होकर आना पड़ता है। इससे लंबा चक्कर काटना पड़ता है। खेतों में जाने के लिए भी किसानों को परेशानी होती है। जींद बाईपास के निर्माण के बाद मंडी में आने के लिए किसानों को लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। देर से ही सही यहां निर