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कविता पाठ में मीनाक्षी भाषण में कोमल प्रथम
\\\"हिंदी बचाओ अलख जगाओ\\\' पर संगोष्ठी
प्रश्नोत्तरी में अमन-प्राची ने पाया पहला स्थान
हिंदी में बिंदुओं का ध्यान रखें विद्यार्थी : गोयल
उचाना. डीएड,बीएड कॉलेज में मुख्यअतिथि राजकुमार गोयल को पुरस्कृत करते हुए।
जींद. जाटकाॅलेज में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते प्रिंसिपल सुभाष लोहान।
नरवाना | अखिलभारतीय साहित्य परिषद की जिला जींद शाखा ने हिंदी बचाओ-अलख जगाओ अभियान के तहत एक विचार गोष्ठी का आयोजन अपने शाखा कार्यालय शक्ति सदन पर किया। विचार गोष्ठी में जिला जीन्द के प्रबुद्ध साहित्यकारों एवं हिन्दी सेवियों ने अपने विचार रखे। डाॅ. जगदीप शर्मा राही ने हिन्दी बचाओ अलख जगाओ अभियान का उद्देश्य एवं उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकार हिन्दी भाषा को स्कूल एवं काॅलेज स्तर पर ऐच्छिक विषय बना कर इसे दोयम दर्जे की भाषा बनाने पर तुली हुई है। संरक्षिका डॉ. संतरो लाम्बा ने मुददे को तकनीकी रूप से समझाते हुए कहा कि आज सरकारी महाविद्यालयोंं में हिन्दी के पद अंग्रेजी भाषा के पदों की तुलना में एक तिहाई रह गए है। जबकि शुरू से ही हिन्दी और अंग्रेजी के पद बराबर बराबर होते आए हैं। एडवोकेट राजकुमार भ्यान, रामफल खटकड और सुशील अटल ने इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि सभी बुद्धिजीवि, साहित्य प्रेमियों और हिन्दी सेवियों को इस बात को गंभीरता से समझना चाहिए। पत्रकार नरेन्द्र जेठी, महासिंह श्योराण, कुलदीप खण्डेलवाल ने कहा कि सरकार का यह प्रयास केवल हिन्दी का मान-सम्मान घटाने वाला है अपितु यह हिन्दी भाषा की जडों पर प्रहार है। अध्यापक विनोद रहबर सतीश शर्मा ने कहा कि यदि हिन्दी विषय स्कूलों और काॅलेजों में अपनी महता खो देगा तो फिर हमारे बच्चे हिन्दी जानने वाले होंगे और अंग्रेजी समझ पाएंगे। समाजसेवी आदित्य आर्य, असीम राणा एवं अजीत पाल ने कहा कि आज स्वतन्त्र भारत में भी हिन्दी के मान-सम्मान के लिए सरकारों को चेताना पड़ रहा है जिलाध्यक्ष डाॅ. राही ने बताया कि परिषद हिन्दी के पदों की संख्या को अंग्रेजी के पदों के समान करने की मांग को लेकर पूरे प्रांत में हस्ताक्षर अभियान आरंभ करेगी जिसे मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जाएगा।
हर भारतवासी करे मातृभाषा का सम्मान
भास्कर न्यूज | जींद
हिंदीदिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को जिले के कई शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रमों क