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नप हर घर से उठाएगी कूड़ा

6 वर्ष पहले
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शहरको साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगरपरिषद द्वारा डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने की कार्य योजना बनाई गई है। ऐसा करने वाला जींद प्रदेश में चौथा जिला बन जाएगा जहां से घर-घर से कूड़ा उठाया जाता है। इससे पहले गुड़गांव, फरीदाबाद सोनीपत जिलों में इस तरह की योजना पर पहले ही काम हो रहा है।

10कूड़ा कलेक्शन पाइंट

प्रतिदिन60 टन कूड़ा उगलने वाले 2 लाख की आबादी वाले जींद शहर को साफ रखने के लिए नगर परिषद द्वारा एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। इस कार्य योजना के तहत कूड़ा के निष्पादन के लिए शहर में 10 कूड़ा-कर्कट कलेक्शन पाइंट बनाए गए हैं। डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा करने के लिए 40 रिक्शा लगाए गए हैं। जो घरों से कूड़े को इन पाइंट तक लेकर आते हैं। इन पाइंटों से एक जेसीबी के माध्यम से कूड़े को चार ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर एसटीपी प्लांट के साथ लगती नगर परिषद की 20-22 एकड़ जमीन में प्रतिदिन डाला जाएगा है। इसके अतिरिक्त नगर परिषद की 6 ट्रालियों से शहर की सड़कों गलियों नालियों की साफ सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा रहा है।

सफाई में लगे 263 कर्मी

शहरको साफ स्वच्छ रखने के लिए नगर परिषद द्वारा 50 छोटे डस्टबिन अलग-अलग स्थानों पर स्थापित करवाए गए हैं। शहर से कूड़े को बाहर निकालने के लिए 80 व्हील बैरो का प्रयोग भी प्रतिदिन किया जा रहा है। शहर को स्वच्छ रखने के लिए की जा रही इस कार्य योजना के तहत 263 सफाईकर्मी लगे हुए हैं।

^शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए नगरपरिषद द्वारा एक कार्य योजना तैयार की गई है। इसके तहत शहर के हर घर से कूड़ा-कर्कट उठाया जाएगा। इसके अलावा नगरपरिषद द्वारा 6 मोबाइल शौचालय भी बनाए जाएंगे।\\\' -अजितबालाजी जोशी, डीसी

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बनाए जाएंगे शौचालय

भीड़भाड़वाले क्षेत्रों में लोगों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जल्द ही साढ़े चार लाख रुपए की लागत से 6 मोबाइल शौचालय बनवाए जाएंगे। इनमें से एक शौचालय का निर्माण करवा दिया गया है। सभी मोबाइल शौचालयों को स्थापित कर सीवरेज सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इन शौचालयों की खासियत यह है कि इन्हें जरूरत के हिसाब से किसी भी स्थल पर स्थापित किया जा सकता है। प्रति शौचालय के निर्माण पर नगर परिषद द्वारा 75 हजार रुपए की राशि खर्च की जाएगी।