वकील के हत्यारे को आजीवन कारावास
जींद | जिलाकोर्ट परिसर में करीब डेढ़ साल पहले की गई वकील की हत्या के दोषी युवक को अदालत ने आजीवन कारावास 20 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनवाई है। जुर्माना भरने पर दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मृतक के भाई डाॅ. राजेंद्र प्रसाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका भाई किलाजफरगढ़ गांव निवासी हाल आबाद डिफेंस काॅलोनी जींद निवासी करीब 47 वर्षीय एडवोकेट वीरेंद्र सिंह पौड़िया जिला अदालत में पिछले करीब 20 सालों से वकालत कर रहे थे। काम की व्यस्तता के कारण कई बार वे अपने चैंबर नंबर 21 में ही सो जाते थे। 25 अप्रैल 2013 को चैंबर में ही लहूलुहान हालत में वकील का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन की तो पता चला कि उनकी हत्या मिर्चपुर निवासी हाल आबाद अजमेर बस्ती जींद निवासी रनेंद्र उर्फ चीटा ने की थी। बाद में पुलिस ने आरोपी रनेंद्र उर्फ चीटा को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि वकील और चीटा दोनों दोस्त थे और शराब पीते समय उनका झगड़ा हुआ था। चीटा ने बर्फ तोड़ने वाले सूए से 11 बार वार कर उनकी हत्या की थी और फिर चैंबर रूम की बाहर की कुंडी लगाकर वह फरार हो गया था। चीटा अन्य कई मामलों में भी नामजद था। अदालत में चले मामले की सुनवाई के बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतप्रकाश की अदालत ने मामले में हत्या के दोषी पाए गए रनेेंद्र उर्फ चीटा को आजीवन कारावास 20 हजार रुपए के जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया।