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कन्या भ्रूणहत्या समाज की सबसे बड़ी ज्वलंत समस्या : आर्यवेश

7 वर्ष पहले
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जिन परिवारों में सिर्फ लड़कियां हैं, उन्हें मिले सरकारी नौकरी में प्राथमिकता

सार्वदेशिकआर्य युवक परिषद ने कन्या भ्रूणहत्या नशे के खिलाफ इंडस पब्लिक स्कूल में रविवार को प्रांतीय महासम्मेलन का आयोजन किया। इसमें प्रदेश भर से आर्य समाज के लोगों ने भाग लेकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की बात कही।

इस दौरान परिषद ने प्रस्ताव पास कर प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिन परिवारों में सिर्फ लड़किया हैं। उन्हें सरकारी नौकरी देने में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ-साथ जिस भी परिवार में लड़की जन्म ले, उस लड़की के नाम सरकार द्वारा एक लाख रुपए की राशि सहयोग के रूप में दी जाए, ताकि कन्या भ्रूणहत्या की बुराई को समाज से जड़ से खत्म किया जा सके।

महासम्मेलन में और भी कई प्रस्ताव पास किए गए और सरकार से इन पर कार्रवाई की मांग की। महासम्मेलन में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया, जबकि इसका संचालन स्वामी रामवेश ने किया। सम्मेलन में महिलाओं समेत अनेक लोगों ने भाग लिया।

इस दौरान प्रस्ताव पास कर फैसला लिया गया कि 2 फरवरी से 23 फरवरी तक आर्य समाज प्रदेशभर में सामाजिक बुराइयों कन्या भ्रूणहत्या, नशाखोरी, पाखंड के खिलाफ जन जागरण यात्रा चलाएगा। महासम्मेलन में स्वामी आर्यवेश ने उपस्थित लोगों से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संगठित होकर लड़ाई लड़ने की अपील की।

जींद. राष्ट्रीयआर्य सम्मेलन में बैठीं महिलाएं।

जींद. राष्ट्रीयआर्य सम्मेलन में संबोधित करते स्वामी आर्यवेश।

आर्यवेश ने कहा कि कन्या भ्रूणहत्या एवं पाखंड के कलंक को मिटाने के लिए आर्य समाज को संगठित होना पड़ेगा। कन्या भ्रूणहत्या समाज की सबसे बड़ी ज्वलंत समस्या है। समाज में लड़कों की तुलना में कम हो रही लड़कियोंं की संख्या चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कन्याओं को मां के पेट में ही मरवाना ईश्वरीय नियम का उल्लंघन है। इस बुराई के खात्मे के लिए आर्य समाज आंदोलन चलाएगा। स्वामी रामवेश ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशाखोरी समाज में एक कलंक है। इसके आने वाले परिणाम भयानक एवं खतरनाक हैं। इसी तरह से धर्म के नाम पर किए जा रहे पाखंड को नशे की तरह जड़मूल से खत्म करने की आवश्यकता है। सम्मेलन को पूनम आर्या, प्रवेश आर्या, सत्यव्रत, एडवोकेट बिरजानंद, देवेंद्र आर्य, वेदप्रकाश, जय