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आवेदन 400, बनते हैं सिर्फ 20

6 वर्ष पहले
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अगरआपने अपना अपने बच्चों का बर्थ सर्टीफिकेट बनवाना है तो इसके लिए सामान्य अस्पताल नगर परिषद के चक्कर काटने ही पड़ेंगे। आवेदन जमा कराते ही आपकी कार्रवाई शुरू नहीं होगी, क्योंकि इन फाइलों को देखने के लिए यहां पर स्टाफ ही मौजूद नहीं है। ऐसे में जिलावासियों के लिए बर्थ मृत्यु सर्टीफिकेट बनाना टेढ़ी खीर बना हुआ है।

सामान्य अस्पताल में जिला रजिस्ट्रार कार्यालय (जन्म एवं मृत्यु) में बर्थ मृत्यु सर्टीफिकेट के लिए हर रोज करीब 400 दरखास्त आती हैं। कर्मचारियों के अभाव में मुश्किल से रोजाना 20 फाइलों पर ही कार्रवाई हो पाती है। ऐसे में सर्टीफिकेट लेने वालों की लाइन लंबी होती जा रही है और दरखास्त की फाइलों का ढेर लग जाता है। खास उन आवेदकों को ज्यादा दिक्कत दरपेश रही है, जिन्होंने समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया और अब सर्टीफिकेट के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।

लेट रजिस्ट्रेशन वालों की फाइलों पर कार्रवाई करने के लिए तो कोई कर्मचारी तक तैनात नहीं है। ऐसे में उनकी फाइलें महीनों से अटकी हैं। ऐसे में सरकार के निर्धारित शेड्यूल एक सप्ताह में कैसे बर्थ सर्टीफिकेट मिल सकता है, यह विभाग के लिए परेशानी बन गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो रजिस्ट्रेशन कार्यालय में वर्कलोड के हिसाब से कम से दस कर्मचारी चाहिए, लेकिन फिलहाल यहां पर एक ही नियमित कर्मचारी एक अधिकारी तैनात है। फिर भी नए आवेदकों को समयबद्ध तरीके से सर्टीफिकेट उपलब्ध कराने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से भी काम लिया जा रहा है। इसके अलावा एक हेल्थ इंस्पेक्टर को एडिशनल ड्यूटी पर रखकर काम चलाया जा रहा है। यही हालत नगर परिषद में बर्थ मृत्यु सर्टीफिकेट बनवाने वालों को इसी तरह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां पर खिड़की के बाहर खड़े होने की भी जगह नहीं है। लोग सड़क पर लाइन में लगते हैं।

तीन महीने बाद भी नहीं बना बर्थ सर्टीफिकेट

^मैंपिछले करीब तीन माह से कार्यालय के चक्कर काट रही हूं। मेरे 18 वर्षीय बेटे का बर्थ सर्टीफिकेट नहीं बन पाया है। यहां पर कई बार तो कर्मचारी ही नहीं मिलता। कई बार उसे जवाब मिलता है कि अगले हफ्ते जाना। ऐसे में मैं कई चक्कर लगा चुकी हूं। आज भी आई हूं और बिना काम के बैरंग लौटने को मजबूर हूं।\\\' -कमलेशदेवी, निवासीउचाना।

एनओसीके लिए काट रहा हूं चक्कर, फिर भी नहीं मिला

^मैंपिछले कई दिनों से यहां के चक्कर काट रहा हूं। मेरा लड़का नवीन 2004 में पैदा हुआ था और उसके बर्थ सर्टीफिकेट की एनओसी लेने के लिए भटक रहा हूं। मगर कोई भी रास्ता मुझे नहीं बताया जा रहा। इनके बड़े अधिकारी से मिलने की सोची तो इन्होंने बताया कि साहब आज मीटिंग में गए हुए हैं। अब मेरी समस्या का समाधान कब होगा, इसका कुछ पता नहीं है।\\\' -प्रेमसिंह,निवासी दरौली खेड़ा।

जींद. सामान्यअस्पताल में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए लगी लोगों की कतार।

स्टाफ की कमी, वर्क लोड बढ़ा

^स्टाफकी कमी के कारण अब हेल्थ इंस्पेक्टर को एडिशनल ड्यूटी पर लगाया है। पहले से चार गुणा वर्क का बोझ बढ़ गया है। रोजाना करीब 400 नए आवेदन रहे हैं। वर्कलोड के हिसाब से कम से कम दस स्थाई कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन फिलहाल एक ही नियमित कर्मचारी है। दो-तीन कर्मचारियों को काम चलाने के लिए अस्थाई तौर पर कार्यालय में तैनात किया हुआ है। खासकर लेट रजिस्ट्रेशन की फाइलें पेंडिंग हो रही हैं। जबकि रूटीन वाले आवेदन पर कार्रवाई कराते हुए एक सप्ताह के अंदर सर्टीफिकेट उपलब्ध कराया जा रहा है।\\\' -डाॅ.पालेराम, डिप्टी सिविल सर्जन एवं अतिरिक्त जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु), जींद।