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भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर भक्तों ने लगाया भंडारा
जिलेभरमें बुधवार को श्री विश्वकर्मा जयंती का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कामगारों, इंजीनियर्स ने भगवान विश्वकर्मा को भारत देश का सबसे पहला सबसे बड़ा इंजीनियर बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
जींद जंक्शन के रेलवे विभाग के पावर हाउस परिसर में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा पूजा हवन कार्यक्रम भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजकों ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृजन निर्माण का देवता माना जाता है, इसलिए आज के दिन सभी शिल्पकार अपने साधनों, औजारों की साफ-सफाई पूजा अर्चना कर हवन एवं भंडारे का आयोजन करते हैं।
इंजीनियर-डेके रूप में भी मनाया
रेलवेविद्युत विभाग जींद के सीनियर सेक्शन इंजीनियर विंग के कर्मचारी रमेश चोपड़ा ने बताया कि भारत में आज का दिन इंजीनियर-डे के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भारत के प्रथम इंजीनियर सर मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मदिवस मनाया जाता है। इसका जन्म कर्नाटक के मुडन होली में हुआ था। सर मोक्ष का भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक पुरस्कार भारत र| से नवाजा गया। उन्होंने हैदराबाद शहर के फ्लड प्रोजेक्ट सिस्टम के चीफ डिजाइनर के अलावा कृष्णा राजा सागर डैम के चीफ इंजीनियर भी रहे।
सृजनात्मककार्य करता है इंजीनियर
चोपड़ाने बताया कि किसी देश के विकास प्रगति में इंजीनियर की विशेष भूमिका होती है। एक कुशल इंजीनियर ही देश के प्रति अपनी कार्यकुशलता के बल पर सृजनात्मक कार्य कर सकता है। सितंबर माह में इस दिन को विश्वकर्मा पूजा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर स्टेशन अधीक्षक अनिल यादव, प्रेम लोहाट, महेन्द्र वर्मा, सुधीर सिंह, जगमोहन नेगी, विद्याभूषण, राजकुमार, मंंजीत मसीह, बलबीर कुमार, महेंद्र सिंह, वीरेंद्र, बलजीत, हेमराज, रामराज, कमलेश, प्रवीन, सुखदर्शन, रामकुमार, धर्मसिंह, दयानंद, धनसिंह, प्रदीप, तमन मंडल, बहादुर, बागी, हरीश, नरसी, सतीश, शीतल, गुलाब, रामजी, सतबीर, सुनील, आजाद, रामचंद्र, उमाशंकर, सुभाष, आलोक, नागेंद्र, मंदीप, साहेब सिंह, दीपक रेलवे स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
नरवाना. विश्वकर्माजन्म दिवस पर आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते बच्चे।
नरवाना रोड स्थित विश्वकर्मा धर्मशाला एवं मंदिर में विश्वकर्मा जयंती पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ हुआ और अनेक लोगो