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\"आधार\' बनवाने पहुंच रहे लोग, बनाने वाले नदारद

7 वर्ष पहले
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जुलाना | आधारकार्ड बनाने वालों के मौके पर मिलने के कारण ग्रामीणों ने सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय पर नारेबाजी कर रोष जताया। उनका कहना था कि वह 15 दिनों से बीडीपीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं फिर भी उनके कार्ड नहीं बने हैं। आधार कार्ड बनाने वाले दफ्तर में आते ही नहीं हैं, जिस कारण उन्हें अनेक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। अगर आधार कार्ड बनाने वाले प्रतिदिन नहीं आएंगे तो वह जींद-रोहतक मार्ग जाम कर देंगे।

कस्बे में आधार कार्ड बनाने वालों की मनमर्जी बुजुर्गों महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। आधार कार्ड बनाने वाले सैकड़ों लोग बीडीपीओ कार्यालय जुलाना में आते हैं घंटों इंतजार करते हैं और चले जाते हैं। सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय में आधार कार्ड बनाने पहुंचे बुराहडेर गांव के रमेश, सुरेेश, झमौला गांव के जितेंद्र, काला, अकालगढ़ गांव के टेकराम, रामरती, लजवाना निवासी सुशील, रमेश जुलाना निवासी रतन का कहना था कि आधार कार्ड बनाने वालों की मनमर्जी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। आधार कार्ड वाले बीडीपीओ कार्यालय में आते कम हैं, गैर-हाजिर अधिक रहते हैं। वह पिछले 15 दिनों से बीडीपीओ कार्यालय में कार्ड बनवाने के लिए रहे हैं। आधार कार्ड बनवाने वाले कर्मचारियों के मौके पर मिलने के कारण उन्हेंं मजबूरन घर वापस जाना पड़ता है।

जुलाना. बीडीपीओकार्यालय में आधार कार्ड बन पाने पर नारेबाजी करते ग्रामीण।

सिर्फ एक मशीन का सहारा

बुजुर्गोंने कहा कि बीडीपीओ कार्यालय में केवल एक मशीन है। इस मशीन पर कार्य करने वाले कभी आते हैं कभी नहीं। जनता को देखते हुए कम से कम 10 मशीनें यहां पर आधार कार्ड बनाने वाली होनी चाहिए। प्रशासन का आधार कार्ड बनाने वालों पर कोई अंकुश नहीं है। यह अपनी मनमर्जी से कार्य करते हैं। कभी आते हैं कभी नहीं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने आधार कार्ड बनाने वालों को प्रत्येक गांव में भेजना चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि अगर आधार कार्ड बनाने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा नहीं कसा तो वह जींद-रोहतक मार्ग जाम कर देंगे। इस बारे में बीडीपीओ सरोज बलहारा का कहना था कि आधार कार्ड बनाने वाला दो दिनों के लिए शादी में गया हुआ है। पिछले एक सप्ताह से वह बीमार था, इसलिए नहीं पाया।