पांच साल बाद जनगणना का होगा अपडेशन
ठीकपांच साल बाद जनगणना अपडेशन का कार्य शुरू हो रहा है। इस बार जनगणना अपडेशन के साथ-साथ एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) को आधार कार्ड नंबर से लिंक किया जाएगा। जिले में यह कार्य 17 फरवरी से शुरू होगा। इसके लिए आंगनबाड़ी वर्करों कर्मचारियों को जनगणना अपडेशन का कार्य कैसे किया जाए। इसके बारे में ट्रेनिंग दी जा रही है। हालांकि जनगणना अपडेशन कार्य को करने में आंगनबाड़ी वर्कर आनाकानी कर रही हैं।
बुधवार को डीआरडीए में ट्रेनिंग के लिए बुलाई गई आंगनबाड़ी वर्करों ने समय का अभाव बताते हुए सर्वे करने से इंकार कर दिया। आंगनबाड़ी वर्कर शकुंतला नेे कहा कि जनगणना अपडेशन का कार्य जटिल है और यह आंगनबाड़ी वर्कर से नहीं होगा। इसमें गलतियां हो सकती हैं। सर्वे करने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर के पास समय भी कम होता है। इस पर तहसीलदार रामफल कटारिया ने महिला एवं बाल विभाग की कार्यक्रम अधिकारी राजवंती दांगी को बैठक में बुलाया। महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी राजवंती दांगी ने आंगनबाड़ी वर्करों को समझाया कि उनसे जनगणना अपडेशन के लिए करवाया जा रहा सर्वे मुफ्त में नहीं करवाया जा रहा। इस कार्य के लिए उन्हें मानदेय दिया जाएगा। उन्हें हर दिन दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक ही अपने ही गांव में घर-घर जाकर यह सर्वे करना है।
जनगणना अपडेशन से होंगे कई फायदे
केंद्रसरकार द्वारा पांच वर्ष बंाद करवाई जा रही जनगणना अपडेशन से कई फायदे होंगे। जनगणना के सही आकलन से ही सरकार को नीतियां बनाने में मदद मिलती है। इसके अलावा जिले के लोगों का आर्थिक स्तर क्या है, उनकी प्रति व्यक्ति आय क्या है इसका सही पता चल पाता है। देश की जनसंख्या किस गति से बढ़ रही है और उससे क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं। इन सबका आकलन तभी हो पाता है जब जनगणना का सही आकलन हो। पांच शाल बाद फिर से जनगणना के अपडेशन होने से सरकार जनसंख्या आदि को ध्यान में रखकर अपनी नीतियों में सुधार या बदलाव कर सकती है। लंबे समय से जनगणना हर दस साल बाद होती रही है।
तहसीलदार और नगर पालिका सचिव होंगे चार्ज आफिसर
जनगणनाअपडेशन के इस कार्य के लिए प्रत्येक तहसील में तहसीलदार को चार्ज ऑफिसर बनाया गया है। जबकि शहर क्षेत्र में नगरपरिषद/नगरपालिका के ईओ और सचिव चार्ज आफिसर होंगे। जनगणना अपडेशन कार्य के लिए गांवों में आंगनबाड़ी वर्कर जबकि शहर में अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। कार्य शुरू करने से पहले उन्हें एक दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद 17 फरवरी को जिले में भर अपडेशन कार्य शुरू किया जाएगा जो महीने के अंत तक चलेगा। जनगणना अपडेशन के भरे गए फार्मों को संबंधित सर्वे कर्ता (प्रगणक) को पांच मार्च तक चार्ज ऑफिसर के समक्ष जमा करना होगा। इसके लिए सर्वेकर्ता को भारत सरकार द्वारा ट्रेनिंग सर्वे के लिए मानदेय दिया जाएगा।
एनपीआर को ‘आधार’ से लिंक किया जाएगा
^जिलेमें जनगणना अपडेशन का कार्य 17 फरवरी से शुरू हो रहा है। जनगणना अपडेशन के दौरान एनपीआर को आधार से लिंक किया जाएगा। जनगणना अपडेशन कार्य करने वाले कर्मचारियों को केंद्र सरकार द्वारा मानदेय दिया जाएगा।\\\' -विजयकुमार, जिला सांख्यिकी अधिकारी जींद।