डीईओ की तलाश में विजिलेंस टीम ने चार जगहों पर मारे छापे, रिकाॅर्ड जांचा
स्कूल की मान्यता देने के एवज में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रिश्वते लेने का मामला
स्कूलकी मान्यता देने की एवज में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मिले भ्रष्टाचार मामले के आरोपी डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा की तलाश में विजिलेंस टीम ने बुधवार को जींद में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। लेकिन भूमिगत हुए डीईओ का कोई सुराग नहीं लग पाया।
इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय विजिलेंस टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंची। यहां पर करीब दो घंटे तक टीम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों से बातचीत की। टीम ने डीईओ हुड्डा के ज्वाइनिंग डेट से लेकर अब तक के स्कूल मान्यता वाली सभी फाइलों रिकॉर्ड को कब्जे में लिया। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान सैकड़ों फाइल आई हैं, जिनमें से आधी से भी कम फाइलें पास की गई हैं। जो फाइलें पास की गई हैं उनमें रुपयों के लेनदेन से भी इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें, डीईओ जोगेंद्र हुड्डा ने 27 फरवरी 2014 को जींद के डीईओ का कार्यभार संभाला था। दो फरवरी को सीएम के ओएसडी अमरिंद्र सिंह के साथ विजिलेंस टीम की रेड के बाद से वे गायब हैं।
विजिलेंस जांच टीम के इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि टीम ने आज जींद में चार जगहों पर दबिशें दी हैं, लेकिन आरोपी डीईओ का कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसके बाद कार्यालय में उसके कार्यकाल के दौरान स्कूलों की मान्यता की आई फाइलों के रिकॉर्ड को कब्जे में लिया है। जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा। संभावना है जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुनीराम की अलमारी खोलने की मंजूरी को निदेशक को भेजा मेल
विजिलेंसटीम द्वारा 40 हजार की रिश्वत राशि समेत पकड़े गए डीईओ कार्यालय के सहायक मुनीराम बूरा की अलमारी पर लगे ताले को खोलने की मंजूरी के लिए डिप्टी डीईओ विजयलक्ष्मी की ओर से डायरेक्टर शिक्षा विभाग को मेल भेजकर मंजूरी मांगी गई है। इस अलमारी में स्कूलों की मान्यता वाली फाइलें अन्य रिकॉर्ड रखा हुआ है। विजिलेंस टीम ने जब अलमारी खोलने के लिए शिक्षा अिधकारियों को कहा तो वे चुप्पी साध गए। सुपरिंटेंडेंट सुरेश चंद्र की मौजूदगी में विजिलेंस टीम देर शाम तक रिकॉर्ड की जांच करती रही।
जुलाना के बीईओ की मेल आईडी से डीईओ ने भेजी है छुट्टी की एप्लीकेशन
विजिलेंसटीम द्वारा 40 हजार रुपए की रिश्वत सहित कार्यालय के सहायक मुनीराम बूरा को गिरफ्तार करने डीईओ के मौके से फरार होने के बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया हुआ है। सहायक मुनीराम को जेल भेजा गया है। जबकि आरोपी डीईओ अब तक टीम के हत्थे नहीं चढ़ा है। डीईओ ने कार्यालय में पहले तीन दिन की मेडिकल लीव भेजी और उसके बाद एक माह की लंबी छुट्टी के लिए मेल पर अप्लीकेशन भेजी हुई है। विजिलेंस टीम ने विभाग की मेल पर आई छुट्टी की मेल की जांच की। इसमें 3 फरवरी को जो मेल भेजी गई थी वह जुलाना के बीईओ की मेल आईडी से भेजी गई है। ऐसे में साफ है कि मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी डीईओ जुलाना बीईओ के पास पहुंचा था। अब विजिलेंस टीम इस मामले में जुलाना की बीईओ से भी पूछताछ करेगी। इसके अलावा 7 फरवरी को आरोपी डीईओ ने सोनीदीपक21एटजीमेलडाटकाम से भेजी हुई है। इस मेल को विभाग कर्मियों ने शिक्षा निदेशक को भिजवा दिया था। अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि छुट्टी मंजर हुई है या नहीं। इस बारे में कार्यालय में कोई सूचना नहीं है।
जींद. डीइओकी छुट्टी के लिए आई ई-मेल को देखती विजिलेंस टीम।
जींद. विजिलेंसकी टीम जिला शिक्षा अिधकारी कार्यालय में रिकाॅर्ड की जांच करती हुई। फोटो|भास्कर