जयंती देवी मंदिर में होगी चार पहर पूजा
जींद | श्रावणएवं फाल्गुन मास की शिवरात्रि विशेष फलदायिनी होती है। इस बार प्रात:काल उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र सायं कालीन पूजा में श्रावण नक्षत्र से युक्त है। जो एक संयोग ही है। इसदिन श्री जयंती देवी मंिदर में चारों पहर की पूजा संस्तुति, अर्चना, वंदना रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया है। मंदिर के पुजारी सुभाष शर्मा ने बताया कि इस दिन भगवान शिव का पांच बार अभिषेक करना चाहिए। इसमें भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं। उन्होंने बताया कि जल से अभिषेक करने से वर्षा होती है। ग्रह शांति हेतु कुशा युक्त जल से अभिषेक करें। जिन भक्तों को धन दौलत की प्राप्ति की इच्छा है वे गन्ने के रस से अभिषेक करें।