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पुलिस से तंग गाड़ी चालक ने थाने में किया आत्मदाह का प्रयास

6 वर्ष पहले
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कस्बेके नहर पूल से बेगार में जबरदस्ती लाई गई एक क्रूजर गाड़ी के चालक ने थाना परिसर में ही तेल छिड़ककर आत्महत्या करने का प्रसास किया। मामला बिगड़ता देख पुलिस कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। अपने को बचाने के लिए पुलिस ने आननफानन में गाड़ी चालक कुलदीप पर आत्महत्या करने के प्रयास का मामला दर्ज करने की तैयारी कर तहरीर लिख डाली। लेकिन एनवक्त पर डीएसपी हरिंद्र कुमार ने थाना पहुंचकर पुलिस कर्मचारियों की ज्यादती को देखते हुए चालक को छोड़ने के साथ-साथ दो पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर जांच करने के आदेश जारी कर दिए।

यहहै मामला

कस्बेके वार्ड-14 निवासी कुलदीप क्रूजर गाड़ी चलाता है। वह इस गाड़ी में सवारियां ढोने का कार्य करता है। पहला नंबर लगाने की होड़ में गुरुवार सुबह उसने अपनी गाड़ी नहर पूल पर साइड में खड़ी कर दी। कुछ ही देर में पुलिसकर्मी वहां आए और वहां मौजूद दूसरे चालकों को कहा कि गाड़ी को थाने में लेकर चलें। आसपास खड़े अन्य चालकों ने कहा कि इस गाड़ी का चालक यहां नहीं है। वह आएगा तो गाड़ी ले जाना, लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने जबरदस्ती गाड़ी को अपनी चाबी लगाई और थाना में लाने लगे। वहां पर मौजूद चालकों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिस कर्मचारी नहीं माने। गाड़ी जाने के कुछ ही देर बाद मौके पर गाड़ी चालक कुलदीप पहुंचा और अपने साथियों के साथ थाने गया। थाने में पुलिस कर्मचारियों ने गाड़ी देने से मना कर दिया। पुलिस की मनमानी से परेशान कुलदीप कुछ ही देर में मिट्टी के तेल से भरी केन लेकर आया और पुलिस कर्मचारियों के सामने ही अपने ऊपर और गाड़ी पर तेल छिड़कर आग लगाने की कोशिश की। मामला बिगड़ता देख पुलिस कर्मचारियों ने आनन-फानन में कुलदीप को पकड़कर हवालात में डाल दिया और उसके कपड़े उतरवा दिए गए।

(संबंधितखबर पेज 2 पर भी)

एसएचओ डीएसपी के बीच हुई तकरार

मामलाबिगड़ता देख एसएचओ और डीएसपी के बीच तकरार होने लगी। दोनों के आमने-सामने आने से उनके बीच में तूतू मैंमैं होने लगी। डीएसपी की कार्रवाई से खफा कार्यवाहक एसएचओ ओमप्रकाश की अचानक तबीयत खराब हो गई। इसको देखते हुए पुलिस कर्मचारियों ने उसे सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। एसआई ओमप्रकाश ने डीएसपी हरिंद्र कुमार पर गाली-गलौज करने मामले की तहरीर को फाड़ने के आरोप लगाए हैं।

{बेगार लेने के लिए जबरदस्ती गाड़ी थाने लाने से था खफा

{डीएसपी ने एसएचओ और पीसीआर चालक को लाइनहाजिर किया

डीएसपी पर लगाए आरोप

लाइनहाजिर हुए एसआई ओमप्रकाश ने मीडिया से डीएसपी हरिंद्र कुमार पर गाली-गलौज करने मामले की तहरीर को फाड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से एक अधिकारी द्वारा सरेआम सबके सामने दुर्व्यवहार करने से वह आहत है।

^मैंने जो किया है, वह कानून के दायरे में रह कर किया है। इस प्रकार से किसी की गाड़ी उठाना गैर कानूनी है। इसमें पुलिस शामिल हो तो ये गुनाह बढ़ जाता है। मामले की जांच करके फिलहाल एसआई ओमप्रकाश चालक रमेश को लाइन हाजिर किया है। मामला एसपी जींद के संज्ञान में डाल दिया है। जांच के दौरान और कर्मचारी भी दोषी हुआ तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।\\\' -हरिंद्रकुमार, डीएसपी सफीदों

डीएसपी ने बनाया पुलिस को आरोपी

यहसारा मामला सामने आने के बाद खुद डीएसपी हरेंद्र कुमार ने थाना पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के बाद उन्होंने इस सारे मामले में पुलिस को दोषी ठहरा दिया और चालक कुलदीप को निर्दोष करार करते देते हुए हवालात से बाहर निकाला। उन्होंने तहरीर को फाड़ते हुए कर्मचारियों पर कार्रवाई की। इसमें थाना के कार्यवाहक एसएचओ ओमप्रकाश पीसीआर के चालक रमेश को तुरंत लाइन हाजिर कर दिया और जांच करने के आदेश जारी कर दिए। अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई से कार्यवाहक एसएचओ तिलमिला गया और आपा खो बैठा। ब्लड प्रेशर बढ़ा तो पुलिस कर्मचारियों ने अस्पताल में दाखिल करवा दिया।

सफीदों. चालककुलदीप से बरामद की गई मिट्टी के तेल की केन उसके कपड़े।