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राजनीति करने से पहले इस्तीफा नहीं दिया तो करेंगे सामाजिक बहिष्कार

7 वर्ष पहले
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इन्होंने ने भी किया था समर्थन का विरोध

सर्वखापपंचायत द्वारा चुनाव में किसी पार्टी को समर्थन देने के फैसले पर खापों में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। सर्व जाट खाप महापंचायत द्वारा चुनाव में किसी पार्टी को समर्थन देने के फैसले के खिलाफ बुधवार को खेड़ा खाप खड़ी हो गई है। खेड़ा खाप ने खापों के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी खाप प्रतिनिधि ने राजनीति करने से पहले अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया तो खाप उनका सामाजिक बहिष्कार कर देंगे। किसी भी सूरत में खापों के नाम पर राजनीति नहीं करने दी जाएगी।

सर्वखाप महापंचायत के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैण के चुनाव में किसी पार्टी को समर्थन देने के बयान पर खेड़ा खाप ने कहा कि समैण पहले ये बताएं कि उन्हें सर्वखाप पंचायत का प्रवक्ता किसने बनाया हैै।

बुधवार को जींद में एकत्र हुए खेड़ा खाप के महासचिव सतबीर पहलवान बरसोला, उपप्रधान मेहरचंद बड़ौदा, पूर्व सरपंच नफे सिंह खटकड़, सुरेश उर्फ लीलू नगूरां, उदय सिंह भौसला, सूरजमल खटकड़, पूर्व सरपंच जगेराम खटकड़, भीम सिंह खटकड़ सुशील कहसून ने एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि खापों के नाम पर राजनीति करने वालों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें सामाजिक संस्थाएं हैं, इनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। खाप पंचायतों को किसी भी राजनीतिक मंच पर नहीं ले जाया जा सकता। लोकतंत्र में वोट का स्वतंत्र अधिकार दिया गया है। इसलिए सभी को एक राजनीतिक पार्टी से बांधना ठीक नहीं है। कोई भी व्यक्ति कहीं भी वोट कर सकता है। किसी एक राजनीतिक पार्टी के साथ बंधकर वोटरों को बांधना गलत है। इस मौके पर खेड़ा खाप के 24 गांवों के लोग मौजूद थे।

सतबीर पहलवान ने कहा कि खाप पंचायतों को राजनीतिकरण से दूर रखने के लिए खेड़ा खाप ने 4 टीमें गठित की हैं ताकि वे गांव-गांव जाकर हर व्यक्ति को यह बता सकें कि लोग अपनी-अपनी मनपसंद राजनीतिक पार्टियों को वोट करें। किसी एक साथ बांधने की खाप पंचायतों ने कोई घोषणा नहीं की है।

बता दें कि पिछले दिनों नरवाना में हुई खाप पंचायतों की बैठक में किसी एक राजनीतिक पार्टी को मर्थन देने की बात कही गई थी, जोकि गलत है। पहलवान ने कहा कि खेड़ा खाप इसका विरोध करती है तथा लोगों को वोट डालने का स्वतंत्र अधिकार