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पानीपत-जींद रेल लाइन के विद्युतीकरण पानीपत-मेरठ लाइन बिछने की उम्मीद

5 वर्ष पहले
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भाजपासरकार का तीसरा रेल बजट इस बार आम बजट के साथ कल (बुधवार) को पेश होगा। इससे पहले 2 बार पेश हुए रेल बजट में मंत्री सुरेश प्रभु ने पानीपत पर कोई कृपा नहीं बरसाई। जो घोषणाएं हुई थीं, वे पूरी होना तो दूर उन पर काम भी शुरू नहीं हुआ। जिला के सभी विधायक सांसद बीजेपी के होने के नाते जिलावासियों को उम्मीद है कि इस बार कोई अच्छी घोषणा जिला के लिए हो जाए।

पिछले वित्तीय वर्ष का रेल बजट 25 फरवरी पेश हुआ था। इसमें प्रभु ने रोहतक-पानीपत-जींद रेलवे लाइनों का बिजलीकरण करने की घोषणा की थी। पानीपत-जींद लाइन पर खुखराना रेलवे स्टेशन तक ओएचई लाइन है। वहीं रोहतक रेल लाइन गोहाना रोड ओवर ब्रिज तक ओएचई लाइन से जुड़ी है। रेलवे इंजीनियरों के अनुसार रेल लाइन पर 1 किलोमीटर बिजली लाइन लगाने पर करीब 7 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। पानीपत से जींद की दूरी 70 किलोमीटर रोहतक की दूरी भी 70 किलोमीटर है। इस तरह 140 किलोमीटर में करीब 980 करोड़ रुपए खर्च होने का एस्टीमेट लगाया गया था।

पानीपतमेरठ के बीच 104 किलोमीटर रेल लाइन की घोषणा लटकी: पानीपतमेरठ तक 22 सौ करोड़ रुपए में 104 किलोमीटर लाइन बिछाने की घोषणा सुरेश प्रभु कर चुके हैं। क्षेत्रवासी इस मांग को 1989 से उठाते रहे हैं। मेरठ से आगे हरिद्वार तक आगे की रेल सुविधा है। यह घोषणा कहां तक पहुंची कम काम पूरा होगा, कोई अता पता नहीं।

उद्योगपतिराजेश जैन ने कहा किशहर केउद्योगपति टैक्स के रूप में सरकार को सालाना करोड़ों रुपए राजकोष में योगदान देते हैं। पिछले रेल बजटों में उद्योगपतियों पर मालभाड़ा और तत्काल रिजर्वेशन चार्ज बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। इस बार एेसा नहीं हो तो बात बने। यह एक्सपोर्टरों के हित में संतोषजनक फैसला रहेगा। अब सरकार को उद्योगपतियों के लिए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि कारोबार मंदी से ऊपर उठ सकें।

सांसद से सलाह करके भेजे हैं 4 सुझाव

^पानीपतरेलवे स्टेशन के लिए 4 सुझाव भेजे हैं। ये बजट में शामिल हो जाएं तो अच्छे हो सकते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव, प्लेटफार्मों पर वाटर कूलर लगवाने की मांग और इलेक्ट्रॉनिक सीढ़ियां लगवाने की मांग की है। विजयंतशर्मा, सदस्य, जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी, पानीपत

पानीपत मॉडल स्टेशन से रोजाना करीब 105 यात्री ट्रेन गुजरती हैं। इनमें सिर्फ 75 का ही ठहराव है। प्रतिदिन 50 हजार यात्री आते जाते हैं। रेलवे को रोजाना 13 लाख रुपए की आमदनी होती है। हर बार रेल बजट में यहां की झोली खाली रही है। जम्मू से अजमेर के बीच चलने वाली पूजा एक्सप्रेस का चंडीगढ़ के बाद करनाल दिल्ली में है। श्री शक्ति एक्सप्रेस दिल्ली से चलने के बाद अम्बाला रुकती है। अमृतसर-कोच्चिवली एक्सप्रेस अम्बाला के बाद सीधे दिल्ली रुकती है। अमृतसर से सहरसा जाने वाली गरीब रथ का पानीपत रेलवे स्टेशन पर ठहराव नहीं है। पानीपत इन ट्रेनों के ठहराव की उम्मीद लगाए हुए हैं।

मंदी में बड़ी राहत

^उद्योगजगत पहले ही मंदी के दौर से गुजर रहा था। ऐसे समय में अगर मालभाड़ा बढ़ाया जाता तो परेशानी बढ़ेगी। सरकारी कंटेनर यार्ड के हालात सुधारना जरूरी है। बजट में इसे शामिल किया जाए। राजीवअग्रवाल, उद्योगपति

यह मांगें जो नहीं हो

रही पूरी

{स्टेशनको घोषणा के बाद माॅडल स्टेशन का इंतजार

{एसी वेटिंग हाल नहीं, डोरमेट्री वीआईपी लॉज।

{स्वचलित सीढ़ियां ऑटोमेटिक वेडिंग मशीन।

{माल गोदाम यार्ड खाद्य आपूर्ति विभाग कार्यालय के बीच फुट ओवरब्रिज।

{एटीएम की कमी, इमरजेंसी में होती है मुश्किल।

{जींद रोहतक मार्ग पर ट्रेनों के फेट बढ़ाने की मांग की, पीजीआई जाने वाले मरीजों को चुकाना पड़ता है बसों में किराया।

{स्टेशन पर एंबुलेंस है, ड्राइवर नहीं।

{रेलवे स्टेशन पर वाहन खड़ा करने की जगह नहीं।

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