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अासुरी शक्तियों पर विजय पाने के लिए मन पर रखें संयम
जुईकलां स्थित हनुमान मंदिर के पास श्याम मिलन मंडल द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शनिवार से शुरू हुई। कथा के पहले दिन पूर्णेंदू महाराज ने कहा कि इंसान आसुरी शक्तियों के वशीभूत होकर जीवन भर भटकता रहता है। मन पर काबू रखने से इन विघटनकारी शक्तियों पर काबू पाया जा सकता है। भागवत कथा में दीप प्रज्ज्वलित सभापा नेता नीलम अग्रवाल ने किया।
कथा में प्रवचन करते हुए पूर्णेंदू महाराज ने रामायण प्रसंग पर बोलते हुए कहा कि अासुरी शक्तियों ने जब साधुओं का हवन खंडित किया तो साक्षात भगवान के रूप में आए राम और लक्ष्मण ने उनका संहार किया। मद, लोभ, लालच और शक्ति का अभिमान मनुष्य के लिए सबसे घातक है। इन्हीं व्यसनों के चलते सीता स्वयंवर में अभिमान में चूर कई राजा महाराजाओं से धनुष रूपी ईश्वरीय शक्ति टस से मस नहीं हुई। उनका अभिमान तोड़ने के लिए राम ने धनुष उठाया और सीता से विवाह किया। उन्होंने कहा कि इंसान मन पर काबू होने से समाज की सभी बुराइयों की ओर आकर्षित हो जाता है। मन पर काबू पाने से ही ईश्वर की अराधना की जा सकती है और जीवन मरण से छुटकारा संभव है। सभापा नेता नीलम अग्रवाल ने कहा कि सत्संग इंसान के जीवन में नए उत्साह का संचार करता है। इंसान के मन और मस्तिष्क को शांति मिलती है। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंगला, सेठ मदनलाल, संदीप सिंगला, अनिल कुमार, बजरंग लाल, अजय कुमार, प्रताप सिंह, ईश्वर सिंह, प्रवीन कुमार, पवन कुमार, मनीराम आदि थे।
जुई में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते पूर्णेंदू महाराज।