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नानक नाम चढ़दी कलां, तेरे भाणे सरबत दा भला

7 वर्ष पहले
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बोले सो निहाल...

गुरुद्वारों में माथा टेक, मांगी मुरादें

चंदलाना में नगर कीर्तन निकाला

एसडीएम स्कूल में मनाया गुरुपर्व

हर देश में गुरु नानक का नाम अलग

>बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारों से गूंजा शहर

>गुरुद्वारों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया

भास्करन्यूज | कैथल

जोबोलेसो निहाल, सत श्री अकाल। नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला। ऊंचा दर बाबे नानक दा। वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह। देग तेग फतेह पंथ की जीत के जयकारों की गुरुवार को शहर में गूंज रही। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर जिलाभर के गुरुद्वारों में शबद कीर्तन हुआ और शहर में नगर कीर्तन निकाला गया।

नगर कीर्तन की अगुवाई परंपरागत वेशभूषा में सजे पंज प्यारों ने निशान साहिब के साथ की। नगर कीर्तन में सैकड़ों की संख्या में संगत ने हिस्सा लिया। सुबह से ही गुरुद्वारों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सुबह गुरुद्वारों में पिछले तीन दिनों से चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब का भोग पाया गया। शहर में मुख्य आयोजन गुरुद्वारा नीम साहिब में हुआ। पंजाब से आए प्रसिद्ध रागी और ढाडी जत्था सलिंद्र भंगू ने शबद कीर्तन कर गुरबाणी का गुणगान किया।

मौके पर गुरुद्वारा नीम साहिब प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरजीत सिंह ने गुहला के डीएसपी गुरमेल सिंह को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। अरदास के बाद गुरुद्वारा नीम साहिब से पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन की शुरुआत हुई। नगर कीर्तन के आगे-आगे सेवादार और महिलाएं पानी का छिड़काव कर झाडू लगा रही थी। पालकी के आगे पंजाब से आए आर्मी बैंडबाजा वालों ने गुरबाणी की धुनों से माहौल भक्तिमय कर दिया। नगर कीर्तन गुरुद्वारा नीम साहिब से सिंह वाली गली, चंदाना गेट, श्री ग्यारह रूद्री शिव मंदिर, भगत सिंह चौक, कबूतर चौक, हिंदू स्कूल रोड, न्यू करनाल रोड, करनाल रोड, पिहोवा चौक से होते हुए श्री गुरु तेग बहादुर चौक पर पहुंचा। नगर कीर्तन में गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी साहिब सिंह ने शबद कीर्तन किया। उनके साथ साथ शहर की सिंह सभा गुरुद्वारा सभा की सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी समेत धार्मिक संस्थाओं के सदस्य शबद कीर्तन करते हुए चल रहे थे। नगर कीर्तन का शहर में जगह जगह पर फूलों की बरखा कर स्वागत किया गया।

कैथल | श्रीगुरु ग्रंथ साहब जी की पालकी ले जाते श्रद्