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जीरी 1509 के भावों में 400 रुपए का उछाल

7 वर्ष पहले
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सोमवार को 2900 रुपए क्विंटल बिकी जीरी

भास्करन्यूज| कैथल

जीरीकीआवक के साथ भाव बढ़ना भी शुरू हो गया है। बासमती किस्म 1509 के भाव में सोमवार को उछाल आया। पिछले कई दिन से भाव कम मिल रहा था। मंडी में यह किस्म 2800 से लेकर 2900 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी। भाव बढ़ने से किसान खुश हैं।

बासमती किस्म 1509 किसानों ने पिछले साल वर्ष लगाना शुरू किया था। पिछले सीजन में यही धान 4000 रुपए प्रति क्विंटल बिका था। इसी कारण किसानों ने इस बार ज्यादा क्षेत्र में इसी किस्म की रोपाई की। 1121 किस्म जगह यही धान लगाई। मोटे धान की अपेक्षा किसानों ने बासमती चावल 80 प्रति क्षेत्र में लगाया हुआ है। लेकिन इस बार सीजन के शुरुआत में ही भाव कम मिला। दस दिन पहले इस इस किस्म का रेट 2000 रुपए प्रति क्विंटल मिला। पिछले सप्ताह थोड़ा उछाल आया। रविवार को 2500 से 2600 रुपए क्विंटल बिका था, लेकिन सोमवार को भाव में उछाल आया। लगभग 400 रुपए भाव ज्यादा मिला। जीरी 1509 सोमवार को 2800 से लेकर 2900 रुपए तक बिका। कंबाइन वाला धान 2600 से लेकर 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका था। किसान राजेश, मियां सिंह सीवन के महेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले बार किसानों को धान के रेट बहुत अच्छे मिले थे।

लेकिन इस बार कम मिल रहे हैं। जिस कारण किसानों को प्रति क्विंटल 700 से 800 रुपए का नुकसान हो रहा था। केंद्र प्रदेश सरकार को किसानों को जीरी का अच्छा रेट दिलवाना चाहिए। मियां सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से रेटों में उछाल तो आया। लेकिन पिछले सीजन जैसा भाव नहीं मिल रहा है। जगदीशपुरा के किसान सुखविंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को 1509 का भाव 4000 प्रति क्विंटल, सुपर बासमती का भाव 5000 रुपए से ज्यादा मिलना चाहिए। कम बारिश होने के कारण इस बार जीरी पैदा करने में खर्च भी ज्यादा आया है। पहले सूखे ने परेशान किया। जीरी निसरने के बाद बरसात हो गई। इस बार झाड़ भी कम निकल रहा है।

पिछले साल किसानों को मिले थे ज्यादा भाव

चावलनिर्यातक विजय सेतिया ने कहा कि पिछले साल किसानों को बासमती किस्म के रेट बहुत ज्यादा मिले थे। निर्यातकों के प्रतिस्पर्धा के कारण ऐसा हुआ। अब निर्यातक इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। विदेशों में भाव भी कम मिला। इराक, ईरान सीरिया में धान के सौदे बहुत कम हुए। निर्यातकों के पास पिछला काफी माल पड़ा हुआ है। पैसा भी काफी रुका पड़ा