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छात्रों के जाम लगाते ही शुरू हो गई बस सेवा

7 वर्ष पहले
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सरकारीबसको शुरू कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्रों का गुस्सा मंगलवार दोपहर को आखिरकार फूट ही पड़ा। छात्रों ने धरना छोड़कर बस स्टैंड के मुख्य गेट के बाहर हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। उन्होंने करीब एक घंटे तक लगे जाम के दौरान रोडवेज विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सरकारी बसें बंद होने के चलते छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जाम की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। यातायात को सुचारू बनाने के लिए शहर के अंदर से वाहनों को क्रॉस करवाई। जीएम ने छात्रों को समझाया और तुरंत बस सेवा शुरू कर दी। जिससे छात्रों ने जाम खोल दिया।

छात्र पिछले दो दिनों से बस स्टैंड पर धरना दिए बैठे थे। जहां पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्रों ने अंत में जाम लगाने का मजबूर होना पड़ा। कलायत के पूर्व विधायक रामपाल माजरा ने छात्रों की मांग को जायज बताते हुए सहयोग दिया और इसके सरकार की कमी बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों को ऐसी दिक्कतें आती रही तो प्रदेश की विकास होना मुश्किल है।

धरने पर बैठे अमन सौंगल, मनीष सौंगल, अमित माजरा, दिनेश नैन सौंगल, मनीषा खेड़ी, संजय बांगड़ सौंगल, पूजा सेरधा, मंतू कुकड़ा, नेहा सेरधा, ज्योति खेड़ी, रमेश, गौरव नवीन कोटड़ा ने कहा कि उनके गांव में आठ वर्षों से परिवहन समिति की बसें बंद हैं। दो वर्ष से हरियाणा रोडवेज की बस चलती थी, जो कि एक दिसंबर से वो भी बंद कर दी गई है। उनकी मांग है कि उनके गांव का प्राइवेट बस का परमिट रद्द कर नियमित रूप से सरकारी बस सेवा शुरू की जाए, ताकि ग्रामीणों सहित उन्हें भी स्कूल कालेज में आने-जाने के लिए कोई परेशानी हो। बाद में छात्रों का एक शिष्टमंडल उपायुक्त के.एम. पांडुरंग से मिला और उन्हें ज्ञापन देकर अपनी समस्या से अवगत करवाया। उधर दोनों प्राइवेट बसें आज भी बसस्टैंड पर खड़ी रही। छात्रों ने उन बसों के आगे बैठकर ही शांतिपूर्वक धरना दिया और पढ़ाई जारी रखी।

इससे पहले सुबह गांव शेरूखेड़ी, सौंगल, नंदकरण, माजरा, कोटड़ा, सेरदा में दोनों प्राइवेट सरकारी बस सेवाएं बंद होने से स्कूल, कालेज, आईटीआई अन्य प्राइवेट संस्थाओं में शिक्षा ग्रहण करने वाले करीब 60-70 छात्र-छात्राएं ने बसस्टैंड पर ही रोडवेज महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने बताया कि