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पदोन्नति में आरक्षण देकर सरकार 80 प्रतिशत सामान्य और पिछड़ा वर्ग के साथ कर रही अन्याय : मथाना

5 वर्ष पहले
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प्रदेश स्तरीय बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जल्द लागू करने की मांग

भास्करन्यूज| कैथल

हरियाणासामान्यएवं पिछड़ा वर्ग कर्मचारी मंच की प्रदेश स्तरीय बैठक प्रदेशाध्यक्ष अजमेर सिंह मथाना की अध्यक्षता में हनुमान वाटिका में हुई। बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव संजीव कुमार ने किया। बैठक में सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सरकारी नौकरियों में पदोन्नति के लिए आरक्षण पर भेदभाव करने की निंदा की गई।

प्रदेशाध्यक्ष अजमेर सिंह मथाना वरिष्ठ उपाध्यक्ष विरेंद्र सिंह ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण का कही भी प्रावधान नहीं है। माननीय उच्च न्यायालय भी प्रदेश सरकार की ओर से दी गई पदोन्नति के आरक्षण की नीतियों को निरस्त कर चुका है। ऐसे में प्रदेश सरकार का दायित्व बनता है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बिना देरी लागू करे। राज्य महासचिव संजीव कुमार जिला सचिव रतन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पदोन्नति में आरक्षण का पक्ष लेकर सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के 80 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। मंच की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक पदोन्नति में आरक्षण समाप्त नहीं हो जाता। इस लड़ाई को हर स्तर पर लड़ा जाएगा। इस मौके पर शमशेर सिंह, कृष्ण कुमार, नरेश कुमार, कपूर सिंह, अमित कुमार, मोहन लाल, राजबीर सिंह, जसविंदर सिंह, सुरेश, महीपाल, मुकेश कुमार, धर्मपाल बुरा, संत कुमार, सुभाष राणा, जगदीश, राजेश, बारूराम सुरेंद्र मालखेड़ी उपस्थित थे।

कर्मचारियों में बन जाती है खाई

रतनसिंह ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण की नीति लागू होने से कर्मचारियों में एक बड़ी खाई पैदा होती है। 20-20 वर्षों से कार्यरत सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के कर्मचारी पदोन्नति प्राप्त नहीं कर पाते। जबकि 5-6 वर्षों से अनुभव वाले आरक्षण का लाभ लेकर पदोन्नति पा जाते हैं। जोकि वरिष्ठ नागरिकों का शोषण है।

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