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750 स्कूलों के एक लाख दो हजार स्टूडेंट्स ने दी ट्रैफिक सेंस परीक्षा
ट्रैफिकनियमोंके प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए ट्रैफिक सेंस परीक्षा का आयोजन किया गया। 750 स्कूलों के एक लाख दो हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। ट्रैफिक नियमों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी देने के लिए परीक्षा का आयोजन किया।
ट्रैफिक नियमों की जानकारी होने से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। ज्यादातर बच्चों को यह पता नहीं कि किस तरह सड़क पार करनी है। किस तरह चौक से गुजरना है। जेबरा क्राॅसिंग कैसे पार करनी है। रेड बत्ती आने पर रुकना है और ग्रीन बत्ती आने पर चलना है।
ड्राइविंग लाइसेंस, लाइसेंस का नवीनीकरण, सड़क के नियम, यातायात के संकेत और सड़क चिन्ह की जानकारी देने के लिए ही विद्यार्थियों की परीक्षा का आयोजन किया गया। हर स्कूल में प्रथम दूसरे स्थान पर रहने वाले विद्यार्थी ब्लाक लेवल की परीक्षा में हिस्सा लेंगे। ब्लाॅक स्तर की परीक्षा 13 दिसंबर को होगी। इसके बाद जिलास्तर पर परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिलास्तर पर अव्वल रहने वाले विद्यार्थी राज्यस्तरीय परीक्षा में हिस्सा लेंगे।
बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा ली गई ट्रैफिक सेंस परीक्षा में शामिल बच्चे।
नो प्रॉफिट नो लॉस पर बेची थी पुस्तकें
ट्रैफिकपुलिस के इंचार्ज रमेश चंद्र ने बताया कि जिले के विद्यार्थियों के लिए 42 हजार पुस्तकें मंगवाई थी। नो प्रॉफिट नो लॉस पर पुस्तकें बेची गई हैं। प्राइवेट स्कूलों के पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को सात रुपए, छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को नौ रुपए और नौंवी से 12वीं के विद्यार्थियों को 12 रुपए में बुक बेची गई है। परीक्षा करवाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सड़क के नियमों के बारे में जानकारी देना है। इसी लिए पिछले तीन सालों से इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।