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केवल 7 दिन ही बजेंगी शहनाइयां, देवउठनी एकादशी को भी शुभ योग नहीं

7 वर्ष पहले
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वर्ष2014के अभी पूरे 100 दिन बाकी हैं। इन 100 दिन में शादी विवाद के लिए केवल सात दिन का शुभ योग बनता है। भले ही अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर को शादियों का सीजन माना जाता हो। पर ज्योतिषों की मानें तो इस बार ये शादी का सीजन मंदा रहने वाला है।

इस बार करीब दो माह के लिए तारा डूबेगा। जिस कारण शुभ कार्यों के लिए शुभ योग नहीं होंगे। जिसका हर वर्ग पर भारी असर होगा। अब जो सात दिन शुभ योग के अंतर्गत आते हैं उनमें भारी मारा मारी होने वाली है। हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि दो अक्टूबर से 27 नवंबर तक शुक्र तारा डूबा हुआ है। जिस कारण से इस वर्ष शादियों के बहुत कम दिन बचते हैं। वर्ष के दौरान केवल सात दिन ही शुभ कार्यों के लिए योग बनता है।

कैथल |हालांकि अभी श्राद्ध चल रहे हैं और शादियों का साहा आने में अभी कुछ दिन हैं। फ्लॉवर डेकोरेशन वाले तैयार हैं और साहे का इंतजार कर रहे हैं।

शादी को जन्म जन्मांतर का बंधन माना जाता है, जिसमें हर दंपती मान-सम्मान, एश्वर्य और सुख को प्राप्त करने की उम्मीद करता है। मान-सम्मान और एश्वर्य का देवता गुरु को माना जाता है। वहीं दूसरी ओर सुख का देवता शुक्र को माना जाता है। जो 2 अक्टूबर से लंबी छुट्टी पर जाने वाले हैं। सुख के देवता के बिना शादी विवाह सहित अन्य कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। नवरात्र, जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, देवउठनी एकादशी को भी बिना किसी योग के शुभ माना जाता है। 25 सितंबर से नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं और तीन नवंबर में देवउठनी एकादशी रही है। पर इस बार तो सभी नवरात्र में शादी का शुभ योग है और ही देवउठनी एकादशी में। इसके बावजूद कोई इस दिन शादी करता है तो ज्योतिष की नजर से वे शुभ नहीं मानी जा सकती है। पंडित प्रेम शास्त्री के अनुसार वे इस दिन शादी-विवाह के साथ-साथ गृह प्रवेश जैसे शुभ कामों को भी करने की सलाह नहीं देंगे।

सितंबर में तीन और दिसंबर में चार दिन

पंडित प्रेम शास्त्री ने बताया कि सितंबर माह में 25, 26 और 28 तिथि को केवल तीन दिन ही शुभ योग होंगे। जबकि 25 सितंबर से नवरात्र भी प्रारंभ हो रहे हैं। वहीं दिसंबर में 2,3, 5 और 6 तिथि को ही शुभ योग रहेगा। इसके अलावा बाकी दिनों में तारा डूबा होने के कारण शादी विवाह जैसे योग नहीं होंगे।