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12 करोड़ का हाउस टैक्स बकाया वसूली के लिए थमाए जाएंगे नोटिस
नॉलेज
भास्कर
शहरकेलोगों पर करोड़ों रुपए का हाउस टैक्स बकाया है। हाउस टैक्स वसूलने के लिए नगरपरिषद विशेष अभियान चलाएगी। 15 दिसंबर के बाद नोटिस देना भी शुरू करेगी। बड़े देनदारों की भी सूची भी तैयार की जा रही है। फिलहाल दो फीसदी लोगों ने ही हाउस टैक्स जमा करवाया है।
कैथल नगर परिषद के अधीन 65 हजार यूनिट हैं। इन्हीं यूनिटों से करोड़ों रुपए का टैक्स आता है। हाउस टैक्स से शहर का विकास होता है। इसमें रेजिडेंशियल मकान, दुकान, स्कूल, कॉलेज, शोरूम, होटल, सरकारी विभागों के भवन प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं। इन्हीं से करोड़ों रुपए का हाउस टैक्स आता है। नगरपरिषद का वर्ष 2014-15 का हाउस टैक्स 11 करोड़ 75 लाख रुपए बकाया है। फिलहाल दो प्रतिशत लोगों ने हाऊस टैक्स जमा कराया है। जिन लोगों ने हाउस टैक्स जमा कराया है। इसमें छोटे दुकानदार या मकान मालिक शामिल है।
बड़े देनदारों ने फिलहाल हाउस टैक्स जमा नहीं कराया है। पिछले साल प्रदेश सरकार के आदेश पर नगरपरिषद ने 30 प्रतिशत की छूट देकर हाउस टैक्स जमा कराया था। काफी लोगों ने टैक्स जमा करा दिया था, लेकिन इस बार भी शहर के लोग खुद हाउस टैक्स जमा कराने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। हाउस जमा करवाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 15 दिसंबर के बाद नोटिस भेजे जाएंगे। शहर में मुनादी भी करवाई जाएगी।
पिछली सरकार ने जो पॉलिसी बनाई थी, उसमें 100 गज के प्लाॅट पर कोई हाउस टैक्स नहीं है। इसके अलावा 100 वर्ग गज से ज्यादा प्लाॅट पर हाउस टैक्स लगता है। मकान चाहे कितना भी छोटा हो उस पर हाउस टैक्स लगता है। 300 वर्ग गज के मकान पर पचास पैसे प्रति गज, 301 से 500 वर्ग गज पर दो रुपए, 501 से 1000 वर्ग गज पर तीन रुपए बीस पैसे, 1001 वर्ग गज से लेकर दो एकड़ तक के मकान पर तीन रुपए पचास पैसे प्रति वर्ग गज हाउस टैक्स लगता है। दो एकड़ से ज्यादा पर पांच रुपए प्रति गज के हिसाब से हाऊस टैक्स लगता है। इसी तरह 50 वर्ग गज की कमर्शियल दुकान पर प्रति वर्ग गज पर एक साल में 12 रुपए टैक्स लगता है। 51 से 100 वर्ग गज पर 18 रुपए प्रति वर्ग गज, 101 से 500 वर्ग फुट के शोरूम या दुकान पर 24 रुपए प्रति वर्ग गज, 501 से लेकर 1000 वर्ग गज पर 30 रुपए प्रति वर्ग गज टैक्स लगता है।
^100 बड़े डिफाल्टरों की सूची तैयार की जा रही है। वर्ष 2014-15 का 11 करोड़ 75 लाख रुपए बका