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गेहूं के साथ सफेदा लगाकर किसान लें डबल फसल

7 वर्ष पहले
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कृषिविज्ञानकेंद्र में मंगलवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। किसानों को सफेदे की वैज्ञानिक खेती और रबी की फसलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गर्ई।

किसानों को केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. हरिओम ने बताया कि सफेदे के साथ गेहूं की बिजाई करके अधिक लाभ कमाया जा सकता है। गेहूं की फसल में खरपतवारों पर समय रहते नियंत्रण करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो गेहूं के उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की कमी जाती है। जो किसानों को नुकसान पहुंचाती है।

डॉ. सत्यपाल गोयल ने कहा कि गेहूं में आजकल धान वाली तना छेदक सुंडी का प्रकोप आया है। जिसे किसान मोनोक्रोटोफास दवा से नियंत्रण कर सकते हैं। डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि सफेदा पॉपलर आधारित कृषि वानिकी किसानों के लिए समय की जरूरत है। इससे किसानों को काफी लाभ होगा और साथ ही दो फसलों को भी किसान आसानी से पा सकते हैं। उन्होंने सफेदे की क्लोनल सफेदे की विभिन्न किस्मों उनसे होने वाले लाभ की जानकारी दी।

योजनाके तहत करवाएं मिट्टी-पानी की जांच : डॉ.जसबीर सिंह ने कहा कि किसानों को अपने खेत की मिट्टी पानी की समय-समय पर जांच करवानी चाहिए। इसके लिए प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत योजना की जानकारी दी। रेडिकल फूड्स के प्रतिनिधि डॉ. अनुराग तिवारी ने बताया कि किसानों को जैविक खेती में अपनी रुचि दिखानी चाहिए। जैविक खेती से किसानों को अधिक मुनाफा तो होगा ही साथ में स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होगी। इस सेमिनार में प्रगतिशील किसान क्लब के प्रधान कुशलपाल सिरोही, उपप्रधान सुरेंद्र जाजनपुर, सचिव लक्ष्मी आनंद, अमरीक हजवाना, रामेश्वर चंदाना ने भी अपना अनुभव दिया।

सेमिनार में मौजूद किसान।