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सफाई होने से महामारी फैलने का खतरा, परेशानी

6 वर्ष पहले
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समितिकेअध्यक्ष कर्मचंद जिंदल, उपचेयरमैन लाजपत राय सिंगला, महासचिव मदन लाल मित्तल, जगरूप ढुल, बृज लाल मित्तल कोषाध्यक्ष बलवंत सिंह जाटान ने कहा कि नियमानुसार यात्री को ट्रेन में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। शहरों गांवों से हर दिन स्वाइन फ्लू के मरीज रहे हैं। सफाई होने से ऐसी बीमारी और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि अगर रेलवे विभाग ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया तो वे प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

>बाेले लोग-रेलवे विभाग ध्यान दे वरना करेंगे प्रदर्शन

महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत

यात्रीरमन, कोमल, सोनू, नीलम सुषमा ने बताया कि ट्रेन में सफर करना किसी ने किसी बीमारी का शिकार होना है। शौचालयों में चारों तरफ गंदगी ही गंदगी फैली हुई है। ट्रेन के किसी डिब्बे में पानी उपलब्ध नहीं है। शौचालयों में पानी होने के कारण महिलाओं और बच्चों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। दुर्गंध के कारण ट्रेन में सांस लेना भी मुश्किल होता है। ऐसी स्थिति के कारण कभी भी बीमारी फैल सकती है।

15 फरवरी को शुरू हुई थी ट्रेन

वर्ष2014 में सांसद नवीन जिंदल ने कैथल स्टेशन से कुरुक्षेत्र से दिल्ली वाया कैथल डेमू रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। रेल यात्री कल्याण समिति वर्षों से कैथल से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग कर रही थी। इसके लिए कई बार धरने प्रदर्शन भी किए गए थे।

^हमारे पास ऐसी शिकायत आई है। यात्रियों ने भी शिकायत की है। हमने उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया है। दिल्ली जैसे स्टेशनों पर सफाई की व्यवस्था है। वहां से सफाई करने के बाद ही ट्रेन चलाई जानी चाहिए। रणधीरचौधरी, स्टेशन मास्टर कैथल

हर दिन तीन हजार यात्री करते हैं सफर

समितिके अध्यक्ष कर्मचंद जिंदल ने बताया कि कुरुक्षेत्र से दिल्ली वाया कैथल डेमू रेल सुबह और शाम को एक चक्कर लगाती है। ट्रेन में हर दिन करीब तीन हजार यात्री सफर करते हैं। सोमवार शनिवार को इससे भी ज्यादा भीड़ हो जाती है। ट्रेन में सफाई होने के कारण यात्रियों को मुंह पर रुमाल बांधकर सफर करना पड़ रहा है।