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शहर और गांव के बीच संतुलन बनाने वाला उम्मीदवार रहेगा हावी

7 वर्ष पहले
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चारों सीटों पर तिकोना मुकाबला

कभीइनेलो कांग्रेस के बीच होने के वाले कैथल सीट के मुकाबले में इस बार भाजपा भी मजबूती के साथ मैदान में है। गुजरे जमाने में जनसंघ के गढ़ रहे कैथल में पिछले 10 साल से कांग्रेस का कब्जा है। इनेलो के कैलाश भगत दो बार हारने के बाद अब तीसरी बार फिर से मैदान में हैं। पिछले दो चुनावों की अपेक्षा अबकी बार पार्टी के साथ भगत की साख भी दांव पर है। कांग्रेस से लगभग तय है कि रणदीप सुरजेवाला ही चुनाव लड़ेंगे। कैलाश भगत को इनेलो के परंपरागत वोट की सहारा है तो सुरजेवाला विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं। ये दोनों ही उम्मीदवार चुनाव प्रचार मेंं आगे चल रहे हैं। भाजपा के उम्मीदवारों में फिलहाल पूर्व विधायक लीला राम, सुरेश गर्ग नौच अरुण गर्ग के नाम सामने रहे हैं। ये तीनों अभी तक केवल टिकट पाने के लिए ही दफ्तर खोल कर प्रचार कर रहे हैं। चौथा है हजकां की उम्मीदवारी। राव सुरेंद्र सिंह हजकां से अपना टिकट पक्की मान कर प्रचार कर रहे हैं। कोई दूसरा उम्मीदवार होने पर लोग भी मान रहे हैं कि हजकां से वो ही उम्मीदवार होंगे। चुनाव चौकोना भले ही हो लेकिन कैथल में मुकाबला तिकोना ही होगा। इसी तरह गुहला में दिल्लू राम कांग्रेस, कुलवंत बाजीगर भाजपा बूटा सिंह इनेलो, पूंडरी में कांग्रेस, इनेलो के अलावा तिकोने मुकाबले में आजाद उम्मीदवार दिनेश कौशिक में ही मुकाबला होगा। कलायत इनेलो रामपाल माजरा, कांग्रेस, बीजेपी के बीच टक्कर होगी। कैथल, पूंडरी कलायत में बीजेपी के उम्मीदवार घोषित होने के बाद ही चुनाव की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।

कैथल का चुनाव आज तक गांव शहर के बीच होता रहा है। जिस उम्मीदवार ने दोनों के बीच संतुलन बना लिया वह जीत गया। हरियाणा बनने के बाद से आज तक इसी आधार पर यहां चुनाव हुए हैं। इस बार जातिगत आंकड़े अधिक रहेंगे। जाट, ब्राह्मण, बनिया, पंजाबी पिछड़ा वर्ग इन के हाथ में वोट संतुलन रहेगा। जाट समुदाय से 1967 से लेकर 2014 के चुनाव केवल दो बार सुरजेवाला पिता पुत्र विधायक बने हैं। पांच बार अग्रवाल, दो बार पंजाबी और एक बार ब्राह्मण को इस सीट से जीत हासिल हुई। तिवाड़ी की जीत में ओमप्रकाश चौटाला का हाथ था। 1982 के चुनाव में लोकदल भाजपा के बीच हुए समझौते के कारण कैथल सीट भाजपा के हिस्से गई थी। भाजपा ने इस समय चुनाव लड़ रहे कैलाश भगत के पिता अमरनाथ भगत को उम्मीदवार बनाया था। स