\"गोवध करने वाले पर हो दस साल की कैद\'
कैथल|लोकस्वराज अभियानके सदस्यों ने प्रदेश सरकार को गोवंश को बचाने के लिए सुझाव भेजे हैं। प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों लोगों से पंजाब गोवध निषेध अधिनियम 1955 को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधन के लिए सुझाव आमंत्रित किए थे।
लोकस्वराज अभियान के राष्ट्रीय संयोजक विष्णु भगवान अग्रवाल ने अपने सुझाव भेज दिए हैं। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की तर्ज पर हरियाणा में भी गाय के हत्यारों को दस वर्ष की कैद होनी चाहिए। गोवंश से संबंधित विवादों की सुनवाई जिला सेशन जज के पास होनी चाहिए। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गउओं के चारे के लिए 15 रुपए की राशि प्रति दिन प्रति गाय देने के आदेश दिए थे। लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे लागू नहीं किया। गऊ तस्करी को रोकने लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उत्तराखंड की तर्ज पर गोवंश के वध पर पूर्ण पाबंदी लगानी चाहिए। डिब्बा बंद मांस के आयात पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। हरियाणा राज्य से दूसरे राज्यों में पशुओं को ले जाने के लिए वाहन पशु का प्रमाण पत्र जिला अधिकारी द्वारा जारी किया जाना चाहिए।
बिना प्रमाण पत्र के पशु को राज्य से बाहर लेकर जाना निषेध होना चाहिए। इस अवसर पर स्वामी मूर्ति पुरी, सतपाल गुप्ता, ओमप्रकाश गुप्ता, रणबीर सिंह, अशोक कपूर, बृजलाल मित्तल, बलबीर शर्मा, लाजपत सिंगला, रूचि सिंगला, धर्मेंद्र गुप्ता, सीता राम शर्मा, कपूर चंद गोयल और नेमचंद जैन उपस्थित थे।