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आइसोलेशन वार्ड में मरीज, रिपोर्ट के बाद होगा बीमारी का खुलासा
इंदिरागांधीमल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टरों ने शनिवार को एक मरीज को स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती किया है। अस्पताल में वार्ड तो बनाया गया है, यहां पर इलाज के सभी बंदोबस्त नहीं हैं।
जो मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। शुक्रवार दोपहर को तेज बुखार के चलते महिला इलाज के लिए अस्पताल आई थी। डॉक्टरों को बीमार महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आए, जिस आधार पर उसे स्वाइन फ्लू वार्ड में रेफर कर दिया है और मरीज का सेंपल भरकर टेस्ट के लिए भेज दिया। मरीज स्वाइल फ्लू से गस्त है या नहीं, इसका खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
रिपोर्ट आने तक महिला का इलाज शुरू किया गया है। फिलहाल महिला की स्थिति पहले से ठीक बताई जा रही है। अशोका गार्डन कॉलोनी निवासी हरीश ने बताया कि उसकी प|ी सुदेश को करीब एक सप्ताह से लगातार तेज बुखार था। उन्होंने शहर के प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज कराया, लेकिन बुखार उतर नहीं रहा था। अब चिकित्सकों के कहने पर वे अपनी प|ी को सरकारी अस्पताल में लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से उसकी प|ी अस्पताल में भर्ती, लेकिन अब उसे आराम है।
अस्पतालमें नहीं है वेंटीलेटर : सिविलअस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तो बनाए गए हैं, पर अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा नहीं है। वेंटीलेटर होने पर कुछ दिनों पहले अस्पताल में एक महिला की डिलीवरी के दौरान मौत भी हुई थी। यहां के डॉक्टरों द्वारा मरीज के सैंपल भरकर चंडीगढ़ भेजते हैं। सैंपल भेजने के तीन दिन बाद रिपोर्ट बनकर वापस आती है।
पहलेभी दो मरीजों के लिए थे सैंपल : अस्पतालमें इससे पहले भी दो मरीजों के सैंपल लिए थे। रिपोर्ट में उन्हें स्वाइन फ्लू नहीं पाया गया। उन मरीजों का इलाज के लिए भी बाहर ही रखा था, पर शुक्रवार को अस्पताल में आए मरीज को सीधे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
कैथल. सरकारी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में दाखिल महिला मरीज।
रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
^एकमहिला को स्वाइन फ्लू वार्ड में एडमिट किया गया है। महिला को तेज बुखार था, दवा देने के बाद उसको आराम है। हमें मरीज संभवता लग रहा था। पूरी एतिहात बरती जा रही है। टेस्ट के लिए सैंपल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का पता चल पाएगा। डॉ.आरडी चावला, मेडिकल अधिकारी, सिविल अस्पताल कैथल।
ये बरतें सावधानी
>खांसते और छींकते समय मुंह नाक को रुमाल से ढकें।
> नाक, कान, मुंह को छूने से पहले और छूने के बाद हाथों को साबुन से घोंएं।
>भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें और संक्रमित व्यक्ति से बचें।
>सादे पानी और पौष्टिक आहार का सेवन करें
>चिंता और तनाव से दूर रहें।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
>बुखार होना, नाक बहना
> खांसी और गले में खराश
> सांस लेने में कठिनाई
> जोड़ों सिर में दर्द होना
> थकावट ज्यादा होना सर्दी लगना
> दस्त और उल्टी लगना
> थूक के साथ खून आना
येकरें
>किसी से हाथ मिलाएं
> गले मिले और अन्य संपर्क बढ़ाने से बचें
> डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा लें
> खुले में थूकें।
लक्षणनजर आएं तो ये करें
>अपने नजदीकी एच-1 एन-1 जांच केंद्र पर जाएं
> डॉक्टर की सलाह लें
> कमरे में रहें, बाहर जाए
> लक्षण मुफ्त होने के 24 घंटे तक बाहर निकलें
इनकीसंभावना ज्यादा
>लंबी बीमारी से ग्रस्त रोगी
> 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग
> पांच वर्ष की कम आयु के बच्चे
> गर्भवती महिलाएं