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78 कर्मचारियों को हटाकर बैंक अधिकारियों ने रिश्तेदारों को लगाया
प्रदेशसरकारभर्तियों में पारदर्शिता लाने की आए दिन बात करती है। भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए इंटरव्यू को खत्म करने की पॉलिसी बना रही है, लेकिन दी कैथल सेंट्रल सहकारी बैंक में आऊट सोर्सिंग पर लगे 78 कर्मचारियों को हटाकर बैंक के अधिकारियों डायरेक्टरों ने अपने रिश्तेदारों को नौकरी पर लगा लिया है।
हटाए कर्मचारियों ने लेबर कोर्ट सीएम विंडो में इसकी शिकायत की है, लेकिन कर्मचारियों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। सुलतान सिंह, मुकेश, प्रमोद कुमार, रूषतम कुमार, सुरेश नरेश ने बताया कि को ऑपरेटिव बैंक कैथल में पिछले साढ़े चार वर्षों से क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर चपड़ासी के पद पर आऊट सोर्सिंग एजेंसी ने 78 कर्मचारी लगाए थे। नवंबर माह में उन्हें हटा दिया गया। बैंक अधिकारी डायरेक्टरों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि दोबारा टेंडर छूटने के बाद उन्हें ही नौकरी दी जाएगी, लेकिन अब सिक्योरिटी एजेंसी, बोर्ड मेंबर और बैंक के मुख्य अधिकारी ने मिलीभगत कर अपने बेटे-बेटियों रिश्तेदारों को नौकरी पर रख लिया है। सुलतान सिंह ने बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी,बोर्ड निदेशकों सिक्योरिटी एजेंसी से हटाए जाने का कारण पूछा। कोई भी उचित जबाव नहीं दे पाया। बैंक को किसी भी कर्मचारी के काम से कोई शिकायत नहीं है। ही सिक्योरिटी एजेंसी बदली। ही हटाने का कोई नोटिस दिया गया। जबकि पुराने कर्मचारियों के पास कार्य करने का अनुभव भी है। जो कर्मचारी लगाए गए हैं। वे निर्धारित योग्यता भी पूरी नहीं करते।
सीएमविंडो डीसी को शिकायत की : हटाएगए कर्मचारियों ने सीएम विंडो और डीसी को शिकायत की है। लेबर कोर्ट में भी केस डाल दिया है। सुल्तान सिंह ने बताया कि बोर्ड ने जो नए 80 लड़कों को नौकरी पर रखा है। किसी भी मापदंड को पूरा नहीं करते। कंप्यूटर ऑपरेटर योग्यता पूरी नहीं करते। ही उन्हें कंप्यूटर चलाना आता। पुराने कर्मचारी हटाकर नए कर्मचारी रखने से बैंक का काम भी प्रभावित हो रहा है। हटाए गए कर्मचारी सोमवार को प्रदर्शन करेंगे।
^बैंक निदेशक बोर्ड ने ही आऊट सोर्सिंग से भर्ती की है। इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है। निदेशक बोर्ड ही सभी भर्ती करता है। जब उनसे बोर्ड चेयरमैन का नंबर मांगा तो कहा मैं बाहर हूं। कार्यालय में जाकर ही नंबर दे सकता हूं। रणधीरसिंह सिहाग, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दी कैथल सहकारी बैंक
आऊट सोर्सिंग हो या नियमित भर्ती सभी में आरक्षण देना जरूरी है। लेकिन इस भर्ती में आरक्षण नहीं दिया गया है। सीएम मनोहर लाल आए दिन सबका साथ, सबका विकास करने की बात करते हैं, लेकिन इस भर्ती में बैंक अधिकारियों के रिश्तेदार बेटों का भला किया गया है। बैंक में 80 कर्मचारियों की भर्ती कर दी इसका किसी भी अखबार में विज्ञापन नहीं छपवाया। भर्ती का सारा काम अंदरखाते किया गया है। भर्ती किसी भी मापदंड को पूरा नहीं करती।
टेंडर देने में भी की गड़बड़ी
दिकैथल सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड कैथल में एजेंसी को टेंडर देेने में भी भारी खामियां भरती गई हैं। रणधीर सिंह, बलजीत सिंह, जसवीर डोहर, प्रवीन, जसवंत बलजीत मलिक ने बताया कि अधिकारियों ने आऊट सोर्सिंग का टेंडर देने में भारी गड़बड़ी की है। टेंडर खुलने से पहले मीटिंग हाल में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया। बैंक अधिकारियों ने फर्म से सांठ-गांठ करके मनमर्जी से टेंडर दिए हैं। आऊट सोर्सिंग फर्मों के मालिक इसके विरोध में प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए।