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केंद्रीय टीम ने जिले में कम बरसात के कारण सूखाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया

7 वर्ष पहले
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1 लाख 56 हजार हैक्टेयर में धान बोई

एडीसीअरविंद मल्हान उपकृषि निदेशक रोहताश ने पिंजुपूरा के पास खेतों में केन्द्रीय टीम को धान की फसलों के नुकसान को दिखाते हुए बताया कि इस बार 1 लाख 56 हजार हैक्टेयर में धान तथा 13 हजार हैक्टेयर में कपास की फसल बोई गई थी, लेकिन बरसात के कमी के कारण इन अधिकतर फसलों में नुकसान होने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। मौके पर कलायत के एसडीएम अश्वनी मैंगी, जिला राजस्व अधिकारी सुभाष मेहता, डीएफएससी सुरेन्द्र सैनी, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय सिंह, अशोक खंडूजा, बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता आरएस मोर, बीडीओ आशा वर्मा, प्रीतपाल उपस्थित थे।

कैथल | सूखाग्रस्त क्षेत्रों के दौरे पर लोगों से जानकारी लेती केंद्रीय टीम।

सर्वे में कलायत की 900 हेक्टेयर फसल को नुकसान

भास्कर न्यूज | कलायत

केंद्रीयटीमने रविवार को जिला में कम बरसात के कारण सूखाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और मौके पर जाकर फसलों के नुकसान का आंकलन किया। उप-कृषि निदेशक रोहताश ने बताया कि पिंजुपूरा गांव की 50 हेक्टेयर, कलायत की 500 हेक्टेयर तथा बात्ता गांव की 400 हेक्टेयर कृषि भूमि में फसलों का नुकसान हुआ है। टीम के प्रतिनिधि डाॅ. डीपी मलिक ने बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित किया है। केंद्र सरकार से 4548 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह टीम रोहतक, महम, हांसी, तोशाम, भिवानी, नरवाना, सिवानी, हिसार, बरवाला का दौरा करने के बाद कैथल के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों का जायजा ले रही है। टीम ने सबसे पहले कलायत के पास पिंजुपूरा, कलायत, बात्ता, बालू, कैलरम, प्यौदा गांव के किसानों की फसलों के नुकसान को खेतों में जाकर देखा। मौके पर किसानों ने बताया कि इस बार पिछले साल की तुलना में 65 प्रतिशत बरसात कम होने के कारण धान, कपास, बाजरा, ज्वार की फसलें बिल्कुल बर्बाद हो गई हैं।

किसानोंने कहा खराब हो गई फसलें : गांवपिंजुपूरा के सरपंच किसान बलवंत ने बताया कि बरसात होने से डीजल, इंजनों से नलकूपों को लगातार चलाने से डीजल के खर्च में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है, जिससे किसान की आर्थिक हालत खराब हुई है। उन्होंने बताया कि सितम्बर माह में अब बरसात होने से बची-खुची कपास की फसल भी चौपट हो गई है। ज्यादा बरसात होने से कपास के पौधे गिर गए और उनके फूल आन