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हफ्ते से बंद बस सेवा छात्रों के धरने के बाद शुरू

7 वर्ष पहले
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पिछलेसप्ताहभरसे प्यौदा, हरसोला, सिसला, सिसमौर गांवों में बस सेवा बंद होने से छात्रों यात्रियों को भारी दिक्कत हो रही थी। परेशानी के चलते गुरुवार को छात्रों ने सुबह लघु सचिवालय में पहुंचकर मुख्य गेट पर धरना दे दिया। उन्होंने रोडवेज विभाग, सरकार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरने के दौरान उन्होंने अपनी समस्या सीटीएम को सुनाई। छात्रों की बात को समझते हुए सीटीएम ने जीएम से बात की और समस्या को सुलझाया। बस चलने के बाद छात्र शांत हुए।

एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष हरनवाज, गौरव, विजय, मनजीत ने बताया कि प्रदेशभर में सैकड़ों गांवों के छात्रों को बिना बस सर्विस हाई शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। ऐसा ही जिले के इन गांवों में हो रहा है। यहां के सैकड़ों छात्र बस सर्विस बंद होने के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित रह रहे हैं। विभाग को चाहिए कि ऐसा कोई भी गांव रहे, जहां बस चलती हो। ताकि कोई भी छात्र पढ़ाई से वंचित रहे।

200छात्र पढ़ाई से वंचित : सिसलागांव निवासी राजीव, बिंटू, सोनू ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से प्यौदा, हरसोला, सिसला सिसमौर गांव में बस सर्विस बंद है।

बस की मांग को लेकर सिटीएम रिजन कुमार को ज्ञापन देने पहुंचे विद्यार्थी।

बस चलाए जाने की मांग को लेकर शहर में प्रदर्शन करते विद्यार्थी।

छात्र मीना कविता ने बताया कि लड़के तो जैसे-तैसे करके शहर पहुंच जाते हैं। पर परेशानी तो लड़कियों के लिए ज्यादा है। तो वे ट्रालियों में चढ़कर जा सकती हैं और ही किसी से लिफ्ट ले सकती हैं। ऐसा लड़के तो कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी परेशानी बस बंद होने से परेशानी बढ़ी है। जब से बस बंद हुई है तब से तो वे समय पर कॉलेज पहुंचती है और ही समय पर वापस पहुंच पाती है।

रोडवेज कैथल के जीएम भंवरजीत सिंह ने कहा कि समस्या को देखते हुए बस सर्विस को शुरू कर दिया गया। छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

कैथल सीटीएम रिजन कुमार ने कहा कि छात्र बसों की समस्या लेकर आए थे। उनकी समस्या जायज थी। जीएम से बात करके उनकी समस्या को सुलझाने के लिए बोला गया है।