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बिजली निगम के शहरी फीडरों में भी हो रही 40 फीसदी चोरी

7 वर्ष पहले
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बिजलीनिगमके शहरी फीडरों में भी चालीस फीसदी बिजली चोरी हो रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए निगम ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। शहरों से इसकी शुुरुआत की गई है।

हुडा सेक्टर, मॉडल टाउन प्रोफेसर कॉॅलोनी के छोड़कर शहर के सभी फीडरों में बिजली चोरी ज्यादा हो रही है। प्रदेश सरकार विभाग ने बिजली चोरी रोकने की जिम्मेदारी सर्कल एसई को सौंप दी है। एसई अपने स्तर पर बिजली चोरी रोकेंगे। इसमें प्रदेश सरकार विभाग के आला अधिकारी कोई दखल नहीं देंगे। कैथल सर्कल में बिजली निगम ने 15 अधिकारी कर्मचारियों की एक टीम बनाकर कोठी गेट फीडर पर फोक्स किया। निगम की टीम ने पाया कि इस फीडर पर भी चालीस फीसदी चोरी हो रही है। इस मीटर को पूरी तरह दुरुस्त कर अगले फीडर को पकड़ जाएगा। इस तरह पहले शहर के हर फीडर पर बिजली चोरी रोकी जाएगी। इसके बाद गांवों के फीडरों पर यह अभियान चलाया जाएगा।

घाटे में नहीं रहेगा निगम

निगमका मुख्य उद्देश्य घाटे से उबरना है। मीटर बाहर आने के बाद चोरी काफी हद तक रुक जाती है। लाइन लोस में 15 फीसदी बिजली चली जाती है। लेकिन जो 85 फीसदी बिजली की घरों में खपत होती है। उसकी चोरी रोकना और 85 फीसदी बिजली का बिल भरवाना मुख्य उद्देश्य है। फिलहाल निगम की टीम शहरी फीडरों पर फोक्स कर रही है। इसके अलावा सीवन, कलायत, पूंडरी, चीका, ढांड राजौंद फीडर पर बिजली चोरी रोकने का अभियान की शुरुआत की है।





कैथलसर्कल के एसई एसके बंसल ने बताया कि हर फीडर में एक मीटर लगाया जाएगा। एक फीडर में करीब 1500 कनेक्शन होते हैं। जिन लोगों ने कनेक्शन नहीं लिए हुए हैं, उन्हें कनेक्शन दिए जा रहे हैं। सभी के मीटर अंदर से बाहर लगाए जाएंगे। खराब मीटर बदले जा रहे हैं। पुरानी तारें और पुराने मीटर बदले जाएंगे। पहले चुंबक लगाकर मीटर को बंद कर दिया जाता था। लेकिन अब ऐसे मीटर गए हैं जो किसी भी उपकरण से बंद नहीं होते। कोठी गेट के फीडर पर ऐसा प्रयोग करने से छह हजार यूनिट की खपत भी कम हो गई है। इस फीडर पर प्रतिदिन तीस हजार यूनिट की खपत थी, अब 24 हजार रह गई है। जो लोग कुंडी लगाते हैं वे लाइट भी बंद नहीं करते। सारा दिन लाइट जलती रहती है। इसलिए भी खपत ज्यादा होती है।