- Hindi News
- पहला चरण, 52 गांवों में ही खोले जाएंगे बैंक खाते
पहला चरण, 52 गांवों में ही खोले जाएंगे बैंक खाते
सामाजिकन्यायऔर अधिकारिता विभाग वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना, विधवा और विकलांग व्यक्तियों की पेंशन के लिए पात्र लोगों से खाते खोलने के लिए दस्तावेज एकत्रित करेगा। प्रथम चरण में 52 गांवों में खाते खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन गांवों में पहले से ही बैंकों की शाखाएं स्थापित है। शारीरिक रूप से अक्षम और असमर्थ लोगों के पेंशन की राशि उनके घरद्वार पर ही दी जाएगी। इसके लिए बाकायदा बैंकों के प्रतिनिधि नियुक्त किए जाएंगे।
डीसी के मकरंद पांडुरंग ने रविवार को अपने कैंप कार्यालय में अधिकारियों और बैंक खाते खोलने के लिए लगाए गए सुपरवाइजरों की बैठक में बताया। फिलहाल बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी, बल्कि इस कार्य के लिए ग्राम पंचायतों और शहरों में पार्षदों को इस योजना की जानकारी दी जाएगी। बैंक खाते खोलने के बारे में गलत धारणाएं पैदा हो रही हैं। इनको स्पष्ट रूप से लोगों को बताना जरूरी है। इसके लिए सभी नगरों में नगर पालिका नगर परिषद के पार्षदों की बैठक बुलाई जाएगी और इन पार्षदों को अपने क्षेत्रों में पात्र व्यक्तियों की सूची देकर इन बैंक खातों के खोलने की प्रक्रिया इसके लाभ के बारे मेंं बताया जाएगा। बैठक में गुहला के एसडीएम बीर सिंह, एलडीएम राकेश कुमार, सत्यवान ढिलोड़, सुशील पांचाल, आशा वर्मा, प्रीत पाल, नरेंद्र सिंह, संजय टांक, नवनीत के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
अक्षम को घर पर मिलेगी राशि
जिलाके छह खंडों में ग्राम पंचायतों और सरपंचों की बैठक बुलाकर सरकार की इस नीति के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की पेंशन की राशि उनके घरद्वार पर ही वितरित की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए बैंक शाखाओं के प्रतिनिधि घर-घर जाकर पेंशन की राशि का वितरण करेंगे।
डीसी के मकरंद पांडुरंग।