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समाज सुधारकों के बलिदान दिखाकर ही दूर हो सकती हैं सामाजिक बुराइयां

6 वर्ष पहले
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भारतनौजवानसभा की ओर से अमरगढ़ गामड़ी में बाबा भभूत गिरी डेरे में जातिवाद की चुनौती और ज्योतिबा सावित्री बाई फुले की विचारधारा पर गोष्ठी हुई।

इसकी अध्यक्षता अनिल सैनी ने की। मुख्यवक्ता और हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति के अध्यक्ष सतपाल आनंद ने कहा कि ज्योतिबा और सावित्री बाई फुले ने 19वीं सदी के महान समाज सुधारक दंपती रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, जातिवाद, छूआछूत, विधवा उत्पीड़न आैर दलित उत्पीड़न के विरुद्ध नवजागरण समाज सुधार आंदोलन विकसित करने में मुख्य भूमिका निभाई।

आज जरूरत है ज्योतिबा सावित्री बाई फुले के विचारों पर आधारित सत्यशोधक समाज की स्थापना की जाए। एक जाति का दूसरी जाति पर और एक धर्म का दूसरे धर्म पर नफरत और घृणा का कारोबार बंद होना चाहिए। मौके पर अजय सैनी, सोनू सैनी, रुस्तम सैनी, गौतम, मीनू, मोनू, पवन, बिट्टू सांगण और सुनील बुआना मौजूद थे।