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ट्रैफिक सेंस की परीक्षा लेने आए अफसर खुद ही भूल गए सेंस

7 वर्ष पहले
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बच्चोंकोट्रैफिक सेंस का पाठ पढ़ाने वाले अधिकारी स्वयं ही सेंस भूल बैठे। परीक्षा के लिए बच्चों को तो सुबह 9 बजे बुला लिया, लेकिन स्वयं परीक्षा लेने के लिए समय पर नहीं पहुंचे। ऐसे में ट्रैफिक सेंस की परीक्षा बच्चों के लिए मुसीबत बन गई, क्योंकि शनिवार अल सुबह से ही मौसम खराब हो गया था और बरसात के कारण ठंड एकदम बढ़ गई थी। बच्चों के लिए मुसीबत उस समय दोगुनी हो गई, जब परीक्षा केंद्र बने सरकारी स्कूल के कमरे खोलने वाला भी कोई नहीं था।

हुआ यूं कि पुलिस द्वारा बच्चों को यातायात नियमों की मौलिक शिक्षा देने के उद्देश्य से ट्रैफिक सेंस की परीक्षा पूरे प्रदेश में ली जा रही है। इसके अंतर्गत 10 दिसंबर को पहली परीक्षा ली जा चुकी थी और शनिवार को दूसरी परीक्षा ली जानी थी। अधिकारियों ने बच्चों की सुध करीब 11 बजे ली और परीक्षा 12 बजे हो सकी। परीक्षा केंद्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कमरों को ताला लगा था। बच्चे दोपहर तक बरसात में ही खड़े ठिठुरते रहे। ब्लॉक स्तर पर शनिवार को आयोजित परीक्षा में 154 स्कूलों ने भाग लिया। प्रत्येक स्कूल से छह-छह बच्चे परीक्षा में शामिल हुए।

प्रिंसिपल की गलती, खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ा

पहलेआठ दिसंबर को स्कूल लेवल का पेपर होना था। लेकिन इसे पोस्टफोन कर दिया गया। 8 दिसंबर को ही सभी प्रिंसिपल को मेल कर दी थी। साहबसिंह, खंडशिक्षा अधिकारी, कैथल।

हमने दोपहर को कहा था

परीक्षादोपहर 12 बजे शुरू होनी थी, लेकिन बच्चे सुबह ही परीक्षा केंद्रों में पहुंच गए। इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को देनी चाहिए थी। ताकि बच्चे ठिठुरन से बच जाते। हमें समय पर ही पेपर मिले। पेपर परीक्षार्थियों में बंटवाकर परीक्षा शुरू करवा दी गई। ऐसा आपसी तालमेल की गड़बड़ी के कारण हुआ है। इंस्पेक्टररमेश चंद्र, ट्रैफिकइंचार्ज

सुबह से ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी बोल रहे हैं कि अभी पेपर रहे हैं। परीक्षा शुरू करवा दी जाएगी। दोपहर तक पेपर नहीं पहुंचे। बच्चे इस यातना से बच सकते थे। प्रवीनप्रजापति, प्रिंसिपल,न्यूटन स्कूल

सुबहसे हो रही बरसात के कारण ठंड बढ़ गई थी। बच्चों के माता-पिता ठंड में बच्चों को भेजने के लिए तैयार नहीं थे। बच्चों को ठंड में खड़ा होना पड़ा। बच्चों को किसी प्रकार का रिफ्रेशमेंट भी नहीं दिया गया। लाभसिंह लैलर, प्रिंसिपल,राधाकृष्ण स्कूल

साइना

यश।

बच्चों क