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सप्लाई बंद, 15 रुपए महंगा हुआ सेब

7 वर्ष पहले
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कैथल |रेहड़ी पर सेब बेचता सुरेश कुमार।

वीरेंद्र ने बताया कि उसके पास वहां के व्यापारियों के फोन आते हैं। उन्होंने बताया इस बार जम्मू-कश्मीर में सेब की फसल बहुत अच्छी थी। बागों में सेब सड़ रहा है। ज्यादातर रास्ते बंद हो गए हैं या बह गए हैं। बारामूला जिला में सेब सबसे ज्यादा सड़ रहा है। बागों में सेबों के ढेर लगे हुए हैं। आए दिन हो रही बरसात से सेब खराब हो रहा है। बागों तक पहुंचना बहुत मुश्किल है। वहां के लोगों के अनुसार आगे ठीक ठाक रहा तो 20 से 25 रास्ते खुलने में लग जाएंगे। कुल मिलाकर एक माह बाद ही सेब की सप्लाई शुरू हो पाएगी। अगस्त माह से लेकर नवंबर तक हर माह सप्लाई चलती थी, लेकिन बार मौसम की ऐसी मार पड़ी की कश्मीर में सेब केसर का कारोबार भी बर्बाद हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि केसर की तो 80 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है।

भास्कर न्यूज | कैथल

जम्मू-कश्मीरमेंआई बाढ़ का असर हर जगह दिखाई देने लगा है। पिछले दस दिन से जम्मू-कश्मीर से सेब की सप्लाई भी बंद हो गई है। हिमाचल के शिमला कुल्लू से ही सेब की सप्लाई हो रही है। सेब 10 से 15 रुपए महंगा हो गया है। अच्छी क्वालिटी का सेब भी कम रहा है। सब्जी मंडी के आढ़ती वीरेंद्र ने बताया कि देश में सेब की फसल सबसे ज्यादा जम्मू कश्मीर में होती है। कश्मीर के 60 फीसदी लोग प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सेब के कारोबार से जुड़े हुए हैं। बाढ़ के कारण वहां की सप्लाई बंद हो गई है। सभी व्यापारी अब शिमला कुल्लू से सेब मंगवा रहे हैं।

कैथल मंडी में प्रतिदिन तीन से चार गाड़ियां सेब की आती हैं। ज्यादा डिमांड बढ़ने पर छह गाड़ियां भी जाती हैं। पिछले दस दिन से सप्लाई बंद हो गई हैं। वहां से सेब बग्गूकोशा रहा था। जिला बारमूला के सोपोर से सेब की सप्लाई होती है। प्रतिदिन 2000 से 2200 पेटियां सेब की कैथल मंडी में खपत हो जाती है। वहां की सप्लाई बंद होने से सेब महंगा हो गया है। पहले सेब थोक में 30 से लेकर 60 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहा था। लेकिन 35 रुपए से लेकर 70 रुपए बिक रहा है। बाहर पर अच्छी क्वालिटी का सेब 80 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। ज्यादा दिन तक सप्लाई बंद रही तो सेब काफी महंगा हो सकता है। वैसे भी शिमला कुल्लू में सेब की फसल पहले तैयार हो जाती है और इसके बाद जम्मू-कश्मीर में फसल आती है। चीन से भी सेब रहा है, लेकिन चीन के सेब का स्व