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घर से निकलते ही सोचते हैं कही फाटक बंद हो
करनालरोडपर फोरलेन सड़क बने हुए साल बीत चुका है। लेकिन करनाल रोड के फाटक 34 बी को एक साल बाद भी डबल बैरियर शुरू नहीं किया जा सका है। इसी साल 14 फरवरी को फाटक पर डबल बैरियर बनाने का काम शुरू किया गया था और उस पर लागत भी 50 लाख रुपए चुकी है। बावजूद इसके डबल फाटक नहीं खोला जा सका।
सिंगल बैरियर होने के कारण शहर के लोगों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क से प्रतिदिन दस हजार वाहन गुजरते हैं। मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बस अड्डा बाहर जाने के बाद इस रोड पर ज्यादा ट्रैफिक का बोझ बढ़ गया है। ट्रेन आते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। फाटक के बंद होने पर आधा या पौना घंटा तक जाम लगा रहता है। रेल कल्याण समिति के सदस्य भी कई बार इस मांग को उठा चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आधाघंटा लग जाता है फाटक क्राॅस करने में : कैथल-कुरुक्षेत्रट्रैक पर बने इस फाटक से हर रोज 12 रेलगाडिय़ां अप-डाउन करती हैं। इसके अलावा मालगाड़ी भी निकलती है। धान गेहूं के सीजन में स्पेशल गाड़ी भी निकलती हैं। एक गाड़ी निकलने के समय आधा घंटा फाटक बंद रहता है। छोटा फाटक होने के कारण खुलने पर वाहनों को निकलने में भी 20 मिनट लग जाते हैं।
इस रास्ते पर अब अड्डा, लघु सचिवालय, आईजी काॅलेज, अदालत होने के कारण ये शहर का सबसे व्यस्त रोड है। औसतन हर रोज इस फाटक से 700 आॅटो, 2000 मोटर साइकिल, 900 कारें छोटे वाहनों के अलावा ट्रक, ट्रैक्टर ट्राली सहित 10 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। यहां से हर रोज निकलने वाले राजेश, महीपाल, शीशपाल राणा, पिंकी, संजू, कुलवंत कल्याण सिंह ने बताया कि उन्हें दफ्तर काॅलेज जाते समय बस यही डर रहता है कि करनाल रोड का फाटक बंद मिल जाए। फाटक बंद हुआ तो समझो आधा घंटा खराब। एक बार फाटक बंद होने एक किलोमीटर लंबी लाइन लग जाती। 200 से अधिक वाहन इस में फंस जाते हैं।
न्यू रेलवे हाल्ट शुरू होने पर होगी ज्यादा दिक्कत
न्यूरेलवे हाल्ट कैथल दो फाटकों के बीच तैयार किया गया है। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे फाटक नंबर 36 और करनाल रोड रेलवे फाटक 34 बी के बीच बनाया गया है। अक्टूबर माह में यहां भी रेल रुकना शुरू हो जाएगी। 34 बी फाटक से यह स्टेशन 200 मीटर दूरी के लगभग है। रेल आने पर यह फाटक ज्यादा देर तक बंद रखना पड़ेगा। सिंगल बैरियर के कारण ज्यादा परेशानी रही है। इस फाटक पर ज