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श्रीग्यारह रुद्रीय शिव मंदिर से दो दानपात्र ही उठा ले गए चोर

6 वर्ष पहले
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महाभारतकालीनग्यारहरुद्री मंदिर से सोमवार रात को चोरों ने दान पात्र चोरी कर लिए। मुख्य गेट का ताला तोड़ने के बाद दानपात्रों को मंदिर से बाहर जाकर खोला गया और उसमें एकत्रित दान चुरा लिया। चोरी का पता मंदिर के पुजारी को सुबह आरती के समय लगी। सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। रात के समय चोट मारकर तोड़े गए तालों की किसी को भी भनक नहीं लगी। बताया गया कि मंदिर में गश्त करने वाले दो पुलिस कर्मियों को कमरा भी दिया गया है। पुजारी मुनिंद्र शास्त्री ने बताया कि वो रात करीब 11 बजे मंदिर से सोने के लिए गए थे। सुबह जब मंदिर की सफाई के लिए उनका सहायक पहुंचा तो मंदिर का ताला टूटा हुआ मिला, जिसको देखते हुए उसने सभी को उठाया और घटना के बारे में बताया। देखने से पता चला कि मंदिर में रखे दो दानपात्र गायब हैं। मंदिर प्रधान ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सुबह पुलिस और मंदिर सेवकों ने आसपास के क्षेत्र में तलाश की। एक दानपात्र मंदिर परिसर में लगभग 200 मीटर दूरी पर मिला, जिसका ताला टूटा हुआ था और वह खाली था।

पुलिस को दी शिकायत

श्रीग्यारहरुद्रीय शिव मंदिर की संस्था शिवाला गणेश तीर्थ रुद्री सभा के प्रधान माईलाल सैनी ने बताया कि चोरी की घटना की शिकायत सुबह सिटी थाना पुलिस को दी है। महाशिवरात्रि के बाद ही दान पात्र खोले जाते हैं, जिसका समय नजदीक था। अब तक मंदिर के पुजारी अन्य लोगों सहित सभी का अनुमान 50 हजार रुपए के दान का माना जा रहा है।

दूसरा दानपात्र मंदिर से बाहर करीब आधा किलोमीटर दूर जोहड़े के किनारे खंडहर कमरे में पड़ा मिला, जिसका दरवाजा तोड़कर दान चुराया गया था। राकेश, रामप्रसाद, बुद्धिराम, भारतभूषण ने बताया कि दानपात्र काफी वजनदार हैं। जिनको खाली होने पर भी एक-दो व्यक्ति आसानी से नहीं उठा सकता। वारदात में कई चोरों के शामिल होने की आशंका जताई।

शास्त्री बताया कि छह माह बाद आने वाली महाशिवरात्रि के बाद मंदिर के दानपात्रों को खोला जाता था। इस अवधि में लगभग 80 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक दान इकट्ठा हो जाता था। इस बार 17 फरवरी को महाशिवरात्रि रही थी। उन्होंने बताया कि इस बार इससे पहले ही दानपात्र चोरी हो गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि अब तक 50 हजार रुपए के करीब दान इकट्ठा हो गया होगा। ग्यारह रुद्री मंदिर शहर का प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। शहर में होने वाले सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम भी यहां पर आयोजित होते हैं। किसी भी प्रकार का कार्यक्रम यहां हुए बना सफल नहीं होता। सोमवार को यहां पर भारी संख्या में पहुंचकर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि के समय तो यहां पर विशाल मेला लगाता है।

^पुलिस ने सूचना के बाद घटनास्थल का मौका किया है। शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही चोरों का पता लगाया जाएगा। अशोकगोयत, एसएचओ, सिटी थाना पुलिस।

चोरी के बाद बाहर टूटा मिला दानपात्र।