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तितरम-अम्बाला फोरलेन सड़क को खुद बनाएगा एनएचएआई

6 वर्ष पहले
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तितरमसेअम्बाला नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया खुद फोरलेन सड़क तैयार करेगी। पहले बीओईटी (बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के माध्यम से टेंडर आमंत्रित किए थे, लेकिन किसी कंपनी ने टेंडर नहीं लिया। अब एनएचएआई ने अपना प्लान बदल लिया है और इसे दो टुकड़ों में बनाएगी। तितरम से पिहोवा, पिहोवा से अम्बाला। दोनों टुकड़ों पर 500-500 करोड़ रुपए खर्च आएंगे। यह प्रोजेक्ट काफी दिनों से अटका पड़ा है।

कैथल से अम्बाला फोरलेन बनाने के लिए लोग पिछले कई वर्षों से मांग कर रहे हैं। इस पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। लगभग बीस दिन पहले यहां पर एनएचएआई ने सर्वे भी कराया था। एक सप्ताह चले सर्वे में ट्रैफिक का कितना दबाव है का पता लगाया गया। इसकी रिपोर्ट मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया में भेज दी है। करनाल रोड फाटक पर ओवरब्रिज बनाने का भी प्लान है। कैथल अम्बाला फोरलेन काफी पुरानी मांग है। करीब सात जिलों के लोग इसे फोर लेन बनाने की डिमांड कर चुके हैं। यहां से हिसार, सिरसा, फतेहबाद, जींद, कैथल, भिवानी, हांसी, नरवाना की सभी ट्रैफिक अम्बाला चंडीगढ़ जाती है। सभी कस्बों में बाईपास भी तैयार किए जाएंगे, ताकि फोरलेन सड़क बनने के बाद जाम की स्थिति आए। तितरम से लेकर अम्बाला तक यह 100 किलोमीटर के लगभग है। कैथल से पिहोवा तो यह सड़क ठीक है। पिहोवा से अम्बाला तक 40 किलोमीटर का टुकड़ा ज्यादा खतरनाक है। यहां पर सारी सड़क टूटी पड़ी है। दोनों साइडों में बड़े-बड़े गडढे बने हैं। कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं।

बदल दिया प्लान

^एनएचएआईके एक्सईएन विपिन शर्मा ने बताया कि पहले बीओईटी के माध्यम से टेंडर आमंत्रित किए थे। लेकिन किसी कंपनी ने टेंडर नहीं लिया। इसलिए अब प्लान बदल दिया है। एनएचएआई इसे खुद तैयार कराएगी।

तितरम से राजस्थान बॉर्डर तक नेशनल हाईवे-65 की फोरलेनिंग के निर्माण शुरू हो गया है। इस योजना पर 1394 करोड़ रपए की लागत आएगी। बीओईटी सिस्टम से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। फोर लेन के लिए जिन किसानों की जमीन एक्वायर हुई है। उन्हें जमीन का मुआवजा देना शुरू किया था। कुछ किसानों ने मुआवजे को कम बताकर विरोध भी किया था, लेकिन बाद में किसानों ने मुआवजा लेना शुरू कर दिया। इस सड़क के बनने से तितरम, बात्ता, कलायत, नरवाना, सच्चा खेड़ा, दनौदा, बरवाला, तलवंडी राणा, हिसार, मुकलान, चौधरीवास, बारवा, सिवानी, झूनपा और राजगढ़ तक आने जाने वाले लोगों के फायदा होगा।

जल्द बनना चाहिए फोरलेन

^सुनीलकुमार ने बताया कि कैथल से अम्बाला फोरलेन की डिमांड काफी पुरानी है। पिछले कई सालों से इसे बनाने का प्लान भी बनाया जा रहा है। आधे प्रदेश की ट्रैफिक यहीं से होकर गुजरी है। बावजूद इसके बनाने में बेवजह देरी की जा रही है।

आएदिन होती है दुर्घटनाएं

^विजयकुमार ने बताया कि नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। इसलिए आए दिन दुर्घनाएं होती हैं। कई सालों से लोग इसे फोरलेन बनाने की मांग कर रहे हैं। एनएचएआई को इसे जल्द तैयार करना चाहिए।

कैथल. तितरम से अम्बाला फोरलेन बनेगी सड़क।