महिला सरपंच की पहल- चाबा में लड़की के जन्म पर 2100 रुपए का शगुन
गुहलाखंडके गांव चाबा में पंचायत ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की अच्छी पहल शुरू की है। हर बेटी के जन्म पर अपने निजी कोष से 2100 रुपए शगुन देती है। गांव की जो बेटी अपनी कक्षा में अव्वल आएगी उसे भी पंचायत की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। चाबा में वर्ष 2015 में नौ लड़के और 13 लड़कियों का जन्म हुआ।
सरपंच का कहना है कि वे अपने गांव में इसी तरह लिंगानुपात बनाए रखेगी। पिछले कई साल से अभियान चलाए हुए हैं। अब सरपंच बनने के बाद अभियान आसपास के क्षेत्रों में भी चलाएगी। नवनियुक्त सरपंच सर्वजीत कौर ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था। गांव में मुहिम को अच्छा समर्थन मिला। चुनाव जीतने के बाद इस पर अमल भी शुरू कर दिया है। गांव के जिस भी घर में बेटी होती है, सरपंच बधाई के साथ-साथ 2100 रुपए का शगुन देती है। सरपंच बनने के बाद गांव में चार लड़कियां पैदा हो चुकी हैं। सभी को 2100 रुपए का शगुन दिया है। सर्वजीत कौर ने बताया कि गांव में भ्रूण हत्या के खिलाफ भी अभियान चलाया हुआ है। जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। गांव में पांचवीं तक का सरकारी स्कूल है। पंचायत स्कूल को अपग्रेड करवाएगी, ताकि बेटियों को पढ़ने के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़े। सरपंच ने कहा कि बेटियों की हरसंभव सहायता की जाएगी। हर जरूरतमंद बेटी की सहायता की जाएगी। अभाव में किसी भी बेटी को पढ़ाई नहीं छोड़ने दी जाएगी।
पंचायत फंड से किया जाएगा सम्मानित
सरपंचसर्बजीत कौर ने घोषणा की कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले पांचवीं कक्षा में प्रथम आने वाली लड़की को 1500 रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाली को 1000 रुपए तीसरे स्थान पर रहने वाली बेटी को 500 रुपए देकर सम्मानित किया जाएगा। ब्लाॅक स्तर पर प्रथम आने वाली बेटी को 15000 रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाली को दस हजार, तीसरे स्थान पर आने पर पांच हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। जिला स्तर प्रथम रहने वाली बेटी को 31 हजार, दूसरे स्थान पर रहने वाली को 21 हजार तीसरे स्थान पर रहने वाली को पंद्रह हजार रुपए नकद देकर सम्मानित किया जाएगा।