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रात 1:13 बजे पहुंची इंटरसिटी, इंजन का तिलक कर ढोल पर नाचे लोग

7 वर्ष पहले
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कैथल | जयपुरसे चंडीगढ़ वाया कैथल इंटरसिटी रात को एक बजकर 13 मिनट पर रात को कैथल रेलवे स्टेशन पर पहुंची। शहर के लोगों ने गर्मजोशी के साथ ट्रेन का स्वागत किया। शहर के लोग पहले से गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। करीब 14 मिनट स्टेशन पर गाड़ी रुकी। एक साल में कैथल को यह तीसरा तोहफा मिला है। इससे पहले फरवरी माह में कैथल से दिल्ली की पैसेंजर ट्रेन न्यू कैथल रेलवे हाल्ट का तोहफा मिला था।

दिन में चंडीगढ़ से जयपुर जाने वाली गाड़ी दिन चार बजकर 14 मिनट पर पहुंची। सांसद राजकुमार सैनी ने झंडी दिखाकर रवाना किया। उनके साथ शहर के काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे। रेल कल्याण समिति के सदस्यों ने इंजन का पूजन किया। गार्ड को भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर शहर के काफी संख्या में लोग भी उपस्थित रहे।

पंकज राणा ने लिया पहला टिकट

जयपुरसे चंडीगढ़ इंटरसिटी ट्रेन में जाने के लिए पंकज राणा ने सबसे पहले टिकट लिया। इसके बाद राजू वधवा ने टिकट लिया। दंपत्ति राजेंद्र पिंकी ने चडीगढ़ पीजीआई जाना वे भी इसी ट्रेन में सवार हुए। इंटरसिटी में कैथल से चंडीगढ़ का 65 रुपए सामान्य किराया लगेगा। इसके अलावा रिजर्व में 260 रुपए किराया है। कैथल से जयपुर का स्लीपर क्लास 260 और एसी क्लास में 690 से 990 रुपए तक खर्च कर सफर कर सकते हैं। फिलहाल इंटरसिटी मेें 12 बोगी हैं। इसमें आठ बोगी रिजर्व हैं और चार सामान्य।

पंकज राणा

कैथल रेलवे स्टेशन 1890 मेें बना था। इसके बाद यहां पर पैसेंजर गाड़ी ही चल रही थी। वर्ष 2013 में 123 साल बाद रेल बजट में कैथल का जिक्र आया। रेलमंत्री ने अपने बजट के 99 नंबर प्वाइंट के भाग दो में दिल्ली से कुरुक्षेत्र वाया कैथल तक नई ट्रेन चलाए जाने की घोषणा की। इसके बाद रेल बजट 2014 में जयपुर से चंडीगढ़ वाया कैथल इंटरसिटी ट्रेन चलाने की घोषणा हुई। श्री ग्यारह रुद्री मंदिर के प्रधान माईलाल सैनी ने बताया कि जब से यहां पर रेलवे स्टेशन बना है। दो पैसेंजर गाड़ी ही चलती थीं। लेकिन अब साल भर में यह तीसरी सुविधा मिल गई है। पहली इंटरसिटी गाड़ी मिलने से शहर के लोगों को अच्छा तोहफा मिला है।

कैथल | जयपुर से चंडीगढ़ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस के आने पर स्टेशन पर डोल डमाके पर नाचते रेल कल्याण समिति के सदस्य शहरवासी। (इनसेट में ट्रेन)