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बेसहारा पशुओं से जूझ रहे हैं मंडीवासी

6 वर्ष पहले
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बेसहारापशुओं की बढ़ती तादाद से मंडी के लोगों को ही नहीं बल्कि आस-पास के क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। बेसहारा पशुओं के कारण दिन-प्रतिदिन दुर्घटनाएं बढ़ रही है और गांवों में बेसहारा पशुओं के कारण लोगों में झगड़े हो रहे है। मगर प्रशासन और नगर पालिका मूकदर्शन बनी हुई है। मंडी में सैकंडों की संख्या में बेसहारा गोवंश गंदगी में मुंह मारते घूमते फिरते है।

दिन-प्रतिदिन इनकी तादाद बढ़ती ही जा रही है। लोगों द्वारा खुले में चारा, रोटी, आटा आदि डालने के कारण गोवंश खुलेआम सड़कों पर लड़ते नजर आते है। जिनके कारण लोग भी इनकी चपेट में आकर घायल हो जाते है। ऐसा घटनाएं कई बार हो भी चुकी है।

आवारा पशुओं के कारण आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जानी नुकसान का भी भय बना रहता है। दूसरी तरफ बेसहारा पशु गांवों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। जिसके चलते किसानों को दिन-रात पहरा देकर फसलों की राखी करनी पड़ रही है। वही किसान इनसे तंग आकर यदि किसी साधनों में भरकर कहीं दूर छोड़ने जाते हैं तो उन्हें या तो गोरक्षा दल के सदस्यों के साथ संघर्ष करना पड़ता है या फिर दूसरे गांव के किसानों के साथ तकरार हो जाता है। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले मंडी की कृष्ण गोशाला द्वारा बेसहारा पशुओं को पकड़कर मंडी की गोशाला में ले जाया गया था लेकिन कुछ ही समय पश्चात उतने ही पशु फिर से नजर आने लगे। पशुओं को पकड़ने के बाद कुछ दिन तो मंडी में सड़कों पर बहुत कम हो गई थी।

लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण धीरे-धीरे इनकी संख्या फिर से बढ़ने लगी है। अब हालात फिर से पहले जैसे ही हो गए हैं। मंडी के सब्जी मंडी, खुहवाला बाजार, रेलवे रोड़, बस स्टैंड, पंजाब बस स्टैंड, रेलवे फाटक के पास, महाजन धर्मशाला के पास जगहों पर सबसे ज्यादा समस्या है। जहां पर झुंड के रूप में आवारा पशु घूमते दिखाई देते है।

समाजसेवी संस्थाओं ने गोशाला भेजने की मांग की

मंडीकी समाजसेवी संस्थाओं बेसहारा पशु अस्पताल, गोरक्षा दल के लोगों नेे मांग की कि प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता देकर आवारा पशुओं को मंडी की गोशाला में ले जाकर रखा जाए या गोवंश के लिए अलग से नंदी शालाएं बनाई जाए। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं की नसबंदी भी करवाई जाए। ताकि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या पर रोक लग जाए।

गोशाला में 650 पशु: प्रधान

कृष्णागोशाला के प्रधान ने बताया कि गोशाला में इस समय लगभग 650 पशु है। पशुओं को रखने के लिए एक बड़े शैड की जरूरत है। जिस पर लगभग बीस लाख रुपये खर्चा जाएगा। इससे पूर्व सरकार ने 21 लाख रुपये गोशाला को दिए थे। जिससे शैडों का निर्माण किया गया। नए शैड का निर्माण होने पर चार सौ पशु गोशाला में रखे जा सकते है।

ये गौशाला नहीं हैं पंजाब बस स्टैंड के पास आवारा पशु।