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जिस घर में भागवत होती है वह तीर्थ बन जाता है

6 वर्ष पहले
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नेशनलहाईवे पर स्थित संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर कथावाचक संत नानक राम ने ज्ञान वैराग्य को युवा बनाने हेतु श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताया। सनकादि ने कहा है कि इस कथा के श्रवण मात्र से ही मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। श्री हरि हृदय में बिराजते हैं, अत: इस कथा का सदा सेवन करें। उन्होंने बताया कि इस ग्रंथ में शुकदेव और राजा परीक्षित का संवाद है। जिस घर में यह कथा होती है वह तीर्थ बन जाता है और उनके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। जो भगवत का आधा या चौथाई श्लोक भी पढ़ता है उसे राजसूय और अश्वमेध यज्ञ सा फल मिलता है।

उन्होंने बताया कि नित्य भागवत का पाठ करना, प्रभु का चिंतन करना, तुलसी सींचना गोसेवा करना ये चारों समान हैं। जो मनुष्य अंत में श्रीमद्भागवत का वाक्य सुन लेता है प्रभु उसे बेकुंठ धाम देते हैं अन्यथा यह करोड़ों जन्मों के पुण्य से मिलता है।

उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण इस धराधाम को छोड़कर गए तो उन्होंने अपनी सारी शक्ति भागवत में रख दी और वे अंतरध्यान होकर इस भागवत में प्रवेश कर गए अत: यह भगवान की साक्षात शब्दमयी मूर्ति है। इसके सेवन, दर्शनपाठ अथवा दर्शन से ही सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इस अवसर पर श्री हनुमत सेवा समिति प्रधान जोतराम शर्मा, अमर सिंह गोदारा, विनोद गोयल, सूरजभान कालांवाली, जगदीश कुमार, हंसराज पोटलिया, बिमला देवी, सुमित्रा देवी, कमला देवी, प्रभा देवी, आरती और पूजा सहित अनेक श्रद्धालु शामिल थे।

संकटमोचन हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सुनती महिला श्रद्धालु।

संकटमोचन हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा करते कथावाचक संत नानक राम।