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तहसील का गेट बंद करने को लेकर लोगों में रोष

7 वर्ष पहले
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एकतरफ प्रदेश सरकार जनता की सुविधाओं के लिए तरह-तरह की कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कनीना तहसील में जनता के हित में लगाए गए गेट को जबरन बंद किया जा रहा है। जिससे स्थानीय दुकानदारों तहसील कार्यालय में विभिन्न कार्यों से आने वाले लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। एसडीएम के आदेश पर गेट को बंद करने की तैयारी की जा रही है। जिसे भांप कर स्थानीय दुकानदारों ने आज एसडीएम को ही ज्ञापन देकर गेट को खुला रखने की मांग करने लगे, तो एसडीएम ने ज्ञापन को देखा ओर गर्दन हिलाकर गाड़ी में सवार होकर चलते बने।

ओमप्रकाश यादव, राजकुमार भारद्वाज, नरेश कुमार, देशराज, सुमेरसिंह, सतपाल, उमेश कुमार, देशबंधु गुप्ता, राजेश कुमार, मोहनसिंह, राहुल मित्तल, सुनील, नारायण सिंह, राजपाल, आनंद, विजय कुमार, रामनिवास शर्मा, श्यामसुंदर आदि ने ज्ञापन में कहा कि तहसील गेट के समीप पेयजल की टंकी बनी हुई है, वहीं तहसील में आने-जाने के लिए इसी गेट से सुविधा होती है। वर्षों पूर्व खोले गए इस गेट को बंद करने पर एतराज जताते हुए कहा कि तहसील परिसर में पेशाबघर बना हुआ है जिसे बंद करने पर सामान्यजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। एसडीएम सतबीर जांगू द्वारा दुकानदारों से ज्ञापन लिए जाने पर दुकानदारों ने और अधिक नाराजगी जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायत भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि एसडीएम के निर्देश पर बीडीपीओ कार्यालय में सीमेंट के गोदाम को जेसीबी से गिराने पर साथ में बने को-ऑपरेटिव बैंक की दीवार में भी दरार गई इसी प्रकार राजीव गांधी सेवा केंद्र के सामने खड़े शीशम के पेड़ को जेसीबी से उखाड़ दिया, जिससे वहां पर लगा फर्श खंडित हो गया था। उन्होंने कहा कि गेट को बंद किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। जिसका खामियाजा प्रशासन को भुगतना पड़ेगा। इस संदर्भ में एसडीएम सतबीर सिंह जांगू ने बताया कि गेट को बंद नहीं किया गया है। दुकानदारों के ज्ञापन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कनीना. एसडीएमद्वारा ज्ञापन लिए जाने पर आक्रोशित लोग।