सैदपुर पंचायत ने किया वांडा ग्रुप को जमीन देने के फैसले का विरोध
रविवारको सैदपुर चौक पर चल रहे किसानों के धरने पर एक पंचायत आयोजित की गई। जिसमें किसानों ने फैसला लिया कि वे चीनी कंपनी वांडा ग्रुप को आईएमटी के तहत अधिग्रहित की गई जमीन नहीं देने देंगे।
किसानों द्वारा सरकार की उक्त कार्रवाई का विरोध किया जाएगा। रविवार को सैदपुर धरना स्थल पर समिति के अध्यक्ष बलबीर राणा की अध्यक्षता में एक पंचायत हुई। जिसमें किसानों ने फैसला किया कि प्रदेश सरकार के उस फैसले का विरोध किया जाए जिसमें चीन की वांडा ग्रुप कंपनी को क्षेत्र के दस गांवों की जमीन दी जानी है। किसानों ने पंचायत में फैसला किया कि वे 24 फरवरी को संसद का घेराव करेंगे। जिसमें हरियाणा के किसान भी हिस्सा लेंगे। संसद का घेराव करने का मुख्य उद्देश्य किसानों के हकों को मांगना है। जिसमें मुख्य रूप से किसानों की कृषि योग्य भूमि को किसानों को वापस लौटाने की मांग रहेगी। पंचायत में विरेंद्र चोटीवाला ने कहा कि उन्होंने फैसला लिया है कि 4 मार्च को वे राई की एजुकेशन सीटी के मुख्य गेट के बाहर किसान आक्रोश महापंचायत करेंगे। जिसमें वे मांग करेंगे कि भूमि से संबंधित सभी लम्बित मामलों का निपटारा सरकार तत्काल प्रभाव से करके किसानों को लाभान्वित करने का काम करे। इस अवसर पर भूपेंद्र रावत, विशाल आर्य, राज सिंह मायूर, सतबीर चहल, ग्रेटर नोएडा धरना स्थल से सुनील फौजी, विरेद्र चोटीवाला, राजपाल सेवली, रामचंद्र, विनोद राणा, ईश्वर राठी, प्रताप छिल्लर अशोक राणा आदि मौजूद रहे।