एसडीएम अस्थाई, स्टाफ की भी कमी
जरासोचिए तहसील कार्यालय में तहसीलदार के पदों के अलावा कुल सात पदों में से चार पदों पर एक भी कर्मचारी नहीं है। जबकि काम के भार के मुताबिक इन पदों पर करीब 10 कर्मचारी होने चाहिए। खाली पड़े पदों के कारण काम के सिलसिले में तहसील में आने वाले लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी धीमी चल रही है।
तहसील में इन दिनों स्टाफ की कमी के कारण जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाने वाले उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ रहा है। सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की जगह रिक्त होने के बाद यहां पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जिसका खामियाजा विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनवाने वाले उपभोक्ताओं एवं ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। तहसील में पटवारियों की कमी पहले से चल रही थी, अब क्लर्क चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी कम हो गए हैं। इस कारण तहसीलदारों को ही अपनी फाइलों की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
तहसील कार्यालय में प्रत्येक महीने करीब तीन हजार विभिन्न जाति रिहायशी प्रमाण पत्र, हजारों की संख्या में शपथ पत्र बनते हैं। इसके अलावा कार्यालय की डाक अन्य प्रमाण पत्रों को बनाने का उनका रिकार्ड व्यवस्थित करने का काम करीब दो से तीन क्लर्क का होता है। जबकि मौजूदा हाल में एक भी क्लर्क नहीं है।
^तहसील कार्यालय में जिला उपायुक्त द्वारा स्टाफ पूरा किया जाता है, डीसी को इस बारे में सूचना दी जाएगी और जल्द ही खरखौदा तहसील का स्टाफ पूरा कराया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी हो और उन्हें अपने काम के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़े।\\\'\\\' कविताजैन, कैबिनेटमंत्री, हरियाणा सरकार।
^तहसील कार्यालय में स्टाफ की कमी को पूरा कराया जाएगा। ताकि उपमंडल के गांववासियों को किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़े। जल्द ही कर्मचारियों के आर्डर खरखौदा तहसील के लिए किए जाएंगे।\\\'\\\' राजीवरतन, डीसीसोनीपत।
सरकार ने दो सूची जारी कर प्रदेश के करीब 140 एचसीएच अफसरों को इधर-उधर किया। जिसमें खरखौदा के एसडीएम को सोनीपत आरटीए सचिव के पद पर ट्रांसफार्मर किया गया। लेकिन खरखौदा में उपमंडल अधिकारी का पद रिक्त छोड़ा गया। अब जिला उपायुक्त राजीव रतन ने आरटीए सचिव राजीव अहलावत को ही अस्थाई चार्ज सौंपा हुआ है। जिससे उन्हें दो सीटों का कार्य संभालना पड़ रहा है ऐसे में क्षेत्र के व