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अवैध खनन से बैराज टूटा तो 5 राज्यों पर भारी पड़ेगा

6 वर्ष पहले
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बिरतजीत सिंह भारती | खिजराबाद

हथनीकुंडबैराजको बाढ़ की तबाही से बचाने के लिए ताजेवाला हेड के शेष बचे ढांचे को सुरक्षित रखे जाने की जरूरत है। साथ ही बैराज के आस पास किए जा रहे खनन पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए। प्रशासन सरकार की अवैध खनन के प्रति अनदेखी क्षेत्र में भारी बर्बादी ला सकती है। बाद में अधिकारी जांच के नाम पर फाइल को धूल में दफन कर देंगे। अवैध खनन माफिया पर लगाम कसने के लिए हरियाणा तथा यूपी दोनों स्टेट मिल कर ठोस कार्रवाई करें।

पांच राज्यों दिल्ली, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान की लाइफ लाइन कही जाने वाली यमुना नदी में अवैध खनन माफिया सक्रिय है। अवैध खनन के कारण ताजेवाला हेड पहले ही ढह चुका है। अब हथनीकुंड बैराज तबाही की कगार पर पहुंच चुका है। स्थानीय लोग हर साल आने वाली यमुना की बाढ़ से भयभीत है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर काबू नहीं पाया गया तो पांच राज्यों की संपत्ति हथनीकुंड बैराज तबाह हो सकता है।

दिनमें भी चलती है जेसीबी : 40सालों से ताजेवाला रह रहे मंदिर के महंत स्वामी परपन्नाचार्य का कहना है कि ताजेवाला हेड ब्रिटिश शासनकाल में बनाया गया था। ताजेवाला कुशल कारीगरी का अदभुत नमुना था। 125 साल तक छाती तान कर यमुना की बाढ़ को छिलता रहा। स्वामी ने बताया कि ताजेवाला हैड विभाग की अनदेखी और अवैध खनन के कारण तबाह हुआ है। अब भी अगर खनन पर लगाम नहीं लगाई गई तो वह दिन दूर नहीं कि हथनीकुंड बैराज भी ताजेवाला की तरह किसी भी समय बर्बाद हो सकता है।

अवैधखनन से पानी का रूख बदल जाएगा : सिंचाईविभाग में 37 सालों तक अपनी सेवाएं दे चुके बलबीर सिंह, प्रेम चंद का कहना है कि यह एरिया पत्थरीला रेतीला है। यहां पर भूमि कटाव बड़ी तेजी से होता है। बलबीर ने बताया कि वियर (ओपन झाल)हेड के बह जाने से हेड को ज्यादा नुकसान हुआ है। झाल से बाढ़ का पानी बंट जाता था। हेड पर बाढ़ का दबाव कम हो जाता था। अब खनन के कारण नदी की धारा अपना रूख बदल गई है। बलबीर का कहना है कि ताजेवाला हैड के शेष ढांचे को बचाना बहुत जरूरी है।

प्रशासनकी अनदेखी के चलते बिगड़ रहे हैं हालत : ताजेवालानिवासी अनीश ने बताया कि ताजेवाला हैड बहुत मजबूत रेगुलेटर हैड था। लेकिन प्रशासन की अनदेखी का शिकार होकर बह गया, जो बचा है उसे सेफ रखना चाहिए ताकि भूमि कटाव को रोका जा सके।

देशही धरोहर है हथनीकुंड बैराज : ठेकेदारहेमराज ने बताया कि ताजेवाला हथनीकुंड देश की धरोहर हैं। किसी भी कीमत पर उनको बचाया जाना चाहिए। खिजराबाद निवासी उमेश गांधी का कहना है कि अवैध खनन को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। हथनीकुंड जैसे महत्वपूर्ण पूर्ण प्रोजेक्ट आज खतरे में हैं इसके लिए कौन जिम्मेदार है। खिजराबाद अनाज मंडी के प्रधान प्रवीन बटार का कहना है कि बैराज के आसपास के एरिया में केंद्रीय जल आयोग को भी ध्यान देने की जरूरत है।

लेटर लिखा है अधिकारियों को और क्या करें

सिंचाईविभाग के एसडीओ चांदीराम का कहना है कि खनन यूपी के क्षेत्र में हो रहा है। अधिकारियों को लेटर भी लिखा हुआ है। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं कर सकते।

बलबीर सिंह परपंचराय

अनीश प्रेम चंद